दस्तक पहाड न्यूज देहरादून। उत्तराखंड में अगले 18 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने 1 सितंबर 2026 की शाम करीब 4 बजे से 2 सितंबर की सुबह 10 बजे तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासकर कुमाऊं मंडल में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) भी अलर्ट मोड पर है।
10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट : मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और चमोली समेत 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर आने की आशंका है। मौसम संबंधी यह चेतावनी 1 सितंबर की शाम से 2 सितंबर की सुबह तक प्रभावी रहेगी।
नैनीताल-अल्मोड़ा में अत्यंत भारी बारिश की आशंका: USDMA की ओर से जारी सूचना के अनुसार 2 सितंबर की सुबह 10 बजे तक नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों के कई क्षेत्रों में बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। इनमें चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जैती, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, भवाली और द्वाराहाट समेत आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
5 जिलों में स्कूलों की छुट्टी: भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर में स्कूलों में अवकाश के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। संबंधित जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन और SDRF अलर्ट: मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट हो गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीमें पहले से तैनात हैं, जबकि संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव तंत्र को तैयार रखा गया है।
पहाड़ों में यात्रा से बचने की अपील: भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने, नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।लोगों को सलाह दी गई है कि भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम की स्थिति तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें। आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें।अगले 18 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद अहम हैं। खासकर कुमाऊं के संवेदनशील इलाकों में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।











