दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। रुद्रप्रयाग जनपद के तालजामण गांव में एक बार फिर जमीन दरकने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांव के कम्द तोक में जगह-जगह से पानी के स्रोत फूटने के कारण जमीन लगातार बह रही है। भू-धंसाव और भूस्खलन के चलते ग्रामीणों के सामने अपने घरों की सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण जीत सिंह पंवार के मकान और भगवान सिंह बिष्ट की गौशाला को खतरे में है। जिस तरह से जमीन लगातार खिसक रही है, उससे आशंका जताई जा रही है कि यदि भूस्खलन का दायरा बढ़ा तो आसपास के अन्य मकान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।लगातार बढ़ते खतरे के चलते ग्रामीणों में डर और खौफ का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बीती कई रातों से वे दहशत के कारण ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। वहीं गांव में बिजली व्यवस्था भी कई दिनों से खराब पड़ी है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।गौरतलब है कि 28 अगस्त 2025 को तालजामण गांव में आई आपदा में भारी नुकसान हुआ था। कई मकान क्षतिग्रस्त हुए थे, जबकि खेत-खलिहान मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह बर्बाद हो गए थे। अब ठीक एक साल बाद गांव में दोबारा जमीन दरकने की घटना ने ग्रामीणों की पुरानी चिंता को फिर बढ़ा दिया है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तत्काल टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भू-धंसाव के कारणों की तकनीकी जांच कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं। साथ ही कई दिनों से बाधित बिजली आपूर्ति को भी जल्द बहाल करने की मांग की गई है।ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल स्थिति को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यदि समय रहते भूस्खलन को रोकने और प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।











