दस्तक पहाड़ न्यूज, रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को आगामी एक सप्ताह के भीतर यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने और अलर्ट मोड पर रहते हुए आपसी समन्वय से व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून अवधि समाप्त होने के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए यात्रा मार्ग, पैदल मार्ग, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत, खाद्य सामग्री, परिवहन सहित सभी मूलभूत व्यवस्थाएं पहले से पूरी तरह तैयार रखी जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शौचालयों की स्वच्छता और पानी की उपलब्धता पर जोर : डीएम ने कहा कि यात्रा मार्ग एवं पैदल मार्गों का निरीक्षण करने वाली विभागीय टीमें शौचालयों की स्वच्छता और पानी की उपलब्धता का भी अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। शौचालयों में नियमित सफाई, पर्याप्त पानी और आवश्यक सफाई सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सामग्री और गैस की पर्याप्त आपूर्ति के निर्देश: जिलाधिकारी ने पूर्ति विभाग को यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही गैस सिलेंडर सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप किसी प्रकार की कमी न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी दिए निर्देश: चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुचारू रखने को कहा। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल रिलीफ पोस्ट में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों एवं चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए।
क्षतिग्रस्त व्यवस्थाओं को प्राथमिकता से दुरुस्त करें: डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्ग या पैदल मार्ग पर जहां भी कोई कमी अथवा आवश्यकता सामने आती है, उसे तत्काल चिह्नित कर निर्धारित समय सीमा में समाधान किया जाए। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने को कहा गया, ताकि यात्रा का द्वितीय चरण सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित हो सके।उन्होंने सभी विभागों को अपनी-अपनी कार्ययोजना के अनुसार तैयारियों को अंतिम रूप देने तथा नियमित फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कहा कि अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लें और कमी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि द्वितीय चरण की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल, अधिशासी अभियंता लोनिवि रुद्रप्रयाग संजीव कुमार सैनी, अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ आर.पी. नैथानी, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पवन कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा, एसडीओ दिवाकर पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











