Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

एक हाथ से भूमि ली जाएगी, दूसरे हाथ से मिलेगा मुआवजा, समझौते के आधार प्रक्रिया को मंजूरी

दस्तक पहाड न्यूज देहरादून।।

कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य में आपसी समझौते के आधार पर भू- स्वामियों से लघु, मध्यम, वृहद परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्ति की व्यवस्था को मंजूरी दी है। इससे सहमति होने के साथ जहां कार्यदायी संस्था को जल्द भूमि मिल सकेगी, तो वहीं भू-स्वामियों को भी जल्द जमीन का मुआवजा प्राप्त हो सकेगा। इस व्यवस्था से परियोजनाओं के जल्द धरातल पर उतारने का रास्ता साफ हो सकेगा।सड़क, बांध निर्माण जैसी परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण किया जाता है। इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया है। इसमें पहले योजना के लिए भूमि को चिह्नित किया जाता है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण के लिए विज्ञापन जारी किया जाता है। इसके बाद नोटिफिकेशन जारी होता है। इसके बाद मुआवजा वितरण होता है। यह सामान्य स्थितियों में प्रक्रिया होती है।इसके बाद भी भूमि अधिग्रहण को लेकर एक साल या उससे अधिक समय लग जाता है। पर अब कैबिनेट में जो प्रस्ताव आया है, उससे भूमि अर्जन(भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013) के लिए एक और विकल्प कार्यदायी एजेंसी और भूमि स्वामियों को मिल गया है।

Advertisement Box

भू स्वामी को भी जल्द भूमि का मुआवजा मिल सकेगा

इससे किसी एजेंसी को भूमि की जरूरत है, ताे वह भू- स्वामियों से संपर्क करेगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में मुआवजे का जो प्रावधान है, उसके आधार पर मूल्य के लिए बातचीत होगी। अगर दोनों पक्ष सहमत हो जाते हैं, तो कार्यदायी एजेंसी भूमि की रजिस्ट्री कराने के साथ उसका मूल्य सीधे भू- स्वामियों को उपलब्ध करा देगी। इससे वर्तमान प्रक्रिया के तहत लगने वाले समय में तीन से चार गुना कम समय लगने की संभावना है। इससे भू स्वामी को भी जल्द भूमि का मुआवजा मिल सकेगा। इसके अलावा मुकदमेबाजी में भी कमी आएगी। सचिव राजस्व एसएन पांडे कहते हैं कि कई बार परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्त करने में काफी समय लग जाता है, अब यह एक और विकल्प रहेगा। इससे योजना के लिए भूमि प्राप्त करना आसान होगा। अधिकारियों के अनुसार इससे परियोजनाओं की लागत भी कम होगी।

रुद्रप्रयाग चमोली सहित उत्तराखण्ड के 4 जिलों में आज 28 जुलाई को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद, भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन का फैसला
आज फोकस में

रुद्रप्रयाग चमोली सहित उत्तराखण्ड के 4 जिलों में आज 28 जुलाई को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद, भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन का फैसला

बड़ी खबर : धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, CJP प्रदर्शन के बीच बड़ा फैसला
आज फोकस में

बड़ी खबर : धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, CJP प्रदर्शन के बीच बड़ा फैसला

क्या सरकार की प्राथमिकता में नहीं है पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्था, रुद्रप्रयाग अस्पताल से 6 विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादले ने बढ़ाई चिंता
आज फोकस में

क्या सरकार की प्राथमिकता में नहीं है पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्था, रुद्रप्रयाग अस्पताल से 6 विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादले ने बढ़ाई चिंता

उत्तराखंड में फिर पेपर लीक ! व्हाट्सएप ग्रुप तक पहुंचा प्रश्नपत्र, दो परीक्षाएं रद्द, हजारों छात्र फिर देंगे एग्जाम
आज फोकस में

उत्तराखंड में फिर पेपर लीक ! व्हाट्सएप ग्रुप तक पहुंचा प्रश्नपत्र, दो परीक्षाएं रद्द, हजारों छात्र फिर देंगे एग्जाम

बधाई हो उत्तराखण्ड ! राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में गढ़वाली सिनेमा का जलवा, ‘ढोली’ को मिला रजत कमल सम्मान
आज फोकस में

बधाई हो उत्तराखण्ड ! राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में गढ़वाली सिनेमा का जलवा, ‘ढोली’ को मिला रजत कमल सम्मान

पहाड़ की बदहाली ने ली एक और जान: अस्पताल की जर्जर दीवार गिरी, मलबे में दबे चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत
आज फोकस में

पहाड़ की बदहाली ने ली एक और जान: अस्पताल की जर्जर दीवार गिरी, मलबे में दबे चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

मंगलवार, 28 जुलाई 2026

आज का सुविचार

धैर्य एक ऐसी सवारी है जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, न किसी के कदमों में और न किसी की नजरों में। कठिन समय में धैर्य ही आपका सबसे बड़ा मित्र साबित होता है।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के दूसरे चरण में जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया 3000 पन्नों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ सेवा मंत्रालय, ट्रॉमा सेंटर और गौ एंबुलेंस की उठी मांग

[news_reels]
WhatsApp