दस्तक पहाड़ न्यूज रुद्रप्रयाग, 27 जुलाई।। जनपद रुद्रप्रयाग की किशोरियों एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और उनकी समस्याओं के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अभिनव पहल “प्रोजेक्ट स्नेह” आगामी 1 अगस्त 2026 से शुरू होगी। यह अभियान जिले के विद्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत एवं विकासखंड स्तर तक संचालित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट स्नेह का उद्देश्य उन बालिकाओं तक पहुंचना है जो व्यक्तिगत, सामाजिक या पारिवारिक कारणों से अपनी समस्याएं किसी से साझा नहीं कर पाती हैं। अभियान के तहत उन्हें सुरक्षित और विश्वासपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे खुलकर अपनी बात रख सकेंगी और विशेषज्ञों से उचित मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग प्राप्त कर सकेंगी।
अभियान के दौरान बालिकाओं को करियर मार्गदर्शन, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन, स्वास्थ्य एवं पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, महिला एवं बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, लैंगिक संवेदनशीलता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को गोपनीयता के साथ सुनकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम विद्यालयों में जाकर बालिकाओं से संवाद स्थापित करेगी और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करेगी।अभियान के शुभारंभ से पहले 1 अगस्त को संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञ प्रभावी काउंसलिंग, संवेदनशील संवाद और गोपनीयता बनाए रखने जैसे विषयों पर प्रशिक्षण देंगे।
प्रोजेक्ट स्नेह को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में विद्यालयों में बालिकाओं से संवाद और काउंसलिंग होगी। दूसरे चरण में प्राप्त समस्याओं का विश्लेषण कर समाधान की रणनीति तैयार की जाएगी। तीसरे चरण में अभियान का विस्तार ग्राम पंचायत एवं विकासखंड स्तर तक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि “प्रोजेक्ट स्नेह केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि बालिकाओं के विश्वास, सुरक्षा, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनपद की कोई भी बालिका स्वयं को अकेला या असुरक्षित महसूस न करे और आवश्यकता पड़ने पर उसे समय पर उचित सहयोग एवं परामर्श मिल सके।”











