दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि।। रुद्रप्रयाग जनपद के ग्राम चाका (पूर्वी एवं पश्चिमी भाग) में गुरुवार को नशामुक्ति की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। राजीव गांधी पंचायत भवन (रामलीला मंच) में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से शराबबंदी का सख्त प्रस्ताव पारित किया। बैठक में भगवान मुनि महाराज एवं क्षेत्रपाल महाराज को साक्षी मानते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे अपने समाज, परिवार और स्वयं को नशामुक्त बनाएंगे। इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के तहत गांव में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही सामाजिक कार्यों में सामूहिक रूप से शराब का आयोजन भी पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। ग्राम सभा क्षेत्र में गुप्त रूप से शराब बेचने या खरीदने पर रोक लगाई गई है। यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में गांव के भीतर हुड़दंग करता है या कमजोर वर्ग के पुरुषों एवं महिलाओं के साथ गाली-गलौज करता है, तो उसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक रास्तों या स्थानों पर शराब पीते हुए पकड़े जाने पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी व्यक्ति या परिवार द्वारा किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब परोसी जाती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति या परिवार की होगी। इन सभी नियमों का उल्लंघन करने पर 21,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। इस निर्णय में ग्राम की महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। मंजू देवी, विजया देवी, पुष्पा देवी, सुलोचना देवी, गंगादेवी, कौशल्या देवी सहित कई महिलाओं ने आगे बढ़कर इस प्रस्ताव का समर्थन किया और नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प दोहराया।
ग्राम प्रधान वन्दना देवी ने इस फैसले को गांव के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह केवल एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत शुरुआत है। उन्होंने कहा कि नशा परिवार और समाज दोनों को कमजोर करता है, इसलिए इसका पूर्ण त्याग जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा द्वारा पारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि जब समाज खुद जागरूक होकर बदलाव का निर्णय लेता है, तो उसके परिणाम स्थायी और प्रभावी होते हैं। उनका लक्ष्य ग्राम चाका को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।
इस महत्वपूर्ण निर्णय में गांव के वयोवृद्ध एवं बुद्धिजीवियों की भूमिका भी अहम रही। श्री रघुवीर सिंह नेगी, धर्मेन्द्र सिंह नेगी, श्री वीर सिंह रावत, श्री भगवान सिंह नेगी, रणवीर सिंह नेगी, श्री राम सिंह रावत, श्री अनन्तपाल, श्री जगमोहन लाल, श्रीमती सुलोचना देवी, श्रीमती बच्चनदई देवी, श्रीमती दिलदेई देवी, श्रीमती आरती देवी एवं श्रीमती भागीरथी देवी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने इस प्रस्ताव को समर्थन देते हुए इसे गांव के हित में जरूरी कदम बताया।ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य, सामाजिक समरसता और पारिवारिक सुख-शांति के लिए बेहद जरूरी है। ग्राम चाका की यह पहल अब पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनती नजर आ रही है।


मुनि महाराज की शपथ खाकर







