दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि।। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक उत्साह के साथ पांच दिवसीय अगस्त्य महोत्सव एवं बैशाखी मेले का भव्य आगाज खेल मैदान अगस्त्यमुनि में किया गया। मेले का शुभारम्भ उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती ऐश्वर्य रावत ने विधिवत रिबन काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेले हमारी पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमारी माटी की धरोहर को सहेजने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने अपनी पूज्य माताजी एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय श्रीमती शैलारानी रावत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करने वाली ऐसी शख्सियतें विरले ही जन्म लेती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना उनका प्रथम लक्ष्य रहेगा और इसके लिए वे सदैव तत्पर रहेंगी।
कार्यक्रम में विद्यालयी छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उन्होंने सराहना की और अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि कभी वे भी इसी प्रकार मंच पर प्रस्तुति देती थीं। आज अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित होना उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है।
उन्होंने मेला समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय बाद इस पौराणिक मेले का पुनर्जीवन एक सराहनीय पहल है, जिससे अगस्त्य ऋषि की महिमा को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्होंने खेल मैदान को उसके पुराने स्वरूप में विकसित करने हेतु प्रयासरत रहने की बात कही और मेला समिति को 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मेला समिति के सचिव राजेश बेंजवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह मेला विगत कई वर्षों से आयोजित नहीं हो पा रहा था। स्थानीय जनता के सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2025 में इसे पुनः प्रारम्भ किया गया, जो प्रारंभ में तीन दिवसीय था। इस वर्ष इसे और अधिक भव्य स्वरूप देते हुए पांच दिवसीय बनाया गया है तथा स्थानीय कलाकारों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अगस्त्य मंदिर के मठाधीश एवं मेला समिति के अध्यक्ष पंडित योगेश बेंजवाल ने की, जबकि संचालन अंकित पुरोहित द्वारा किया गया। इससे पूर्व मेला समिति द्वारा श्री अगस्त्य मंदिर से धर्मध्वजा को पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा के रूप में खेल मैदान स्थित गद्दी स्थल तक लाकर विधिवत स्थापित किया गया।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज राणा, कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम नेगी, पूर्व प्रधान कुंवर लाल, बलबीर लाल, मुकेश तिवारी, दीपा नेगी, माधुरी नेगी, रजनी शर्मा, वीरेन्द्र बिष्ट, प्रमिला नेगी, मनोज कुंवर, रजनी रावत, दीपा आर्य, शशिधर सेमवाल, देवी प्रसाद भट्ट, मेला समिति के सहसचिव शेखर नौटियाल, सांस्कृतिक सचिव धर्मसिंह राणा, प्रमोद बर्त्वाल, दीपक बेंजवाल, हर्षप्रीतम सिंह, सुरजीत रावत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।











