दीपक बेंजवाल/ दस्तक पहाड न्यूज।। रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के कोयलपुर डांगी गांव में सड़क सुविधा के अभाव की समस्या आज भी बरकरार है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग किए जाने के बावजूद गांव तक मोटर मार्ग नहीं पहुंच पाया है, जिसके कारण ग्रामीणों को आज भी गंभीर परिस्थितियों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा मामले में गांव निवासी सुखदेव सिंह रौतेला के अस्वस्थ होने पर ग्रामीणों को उन्हें कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा। मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने दुर्गम पैदल रास्ता तय किया। इस दौरान मरीज और उनके परिजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। आपातकालीन स्थिति में समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाने से जान का खतरा भी बना रहता है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्राम प्रधान आलोक सिंह रौतेला ,शैलेन्द्र सिंह रौतेला,भरत सिंह रौतेला,दीपक रौतेला,गौरव रौतेला,सत्ये सिंह रौतेला, राजेश प्रसाद चमोला, गजेन्द्र रौतेला ने बताया कि कोयलपुर गांव की सड़क की मांग वर्षों से लंबित है, लेकिन आज तक ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि सड़क के अभाव में ग्रामीणों का जीवन कठिन बना हुआ है और बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी कंधों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सुखदेव सिंह रौतेला के अस्वस्थ होने पर ग्रामीणों ने उन्हें कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जो क्षेत्र में सड़क सुविधा की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।
ग्राम प्रधान आलोक सिंह रौतेला ने सरकार और प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि कोयलपुर गांव को जल्द से जल्द मोटर मार्ग से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े और भविष्य में किसी मरीज को कंधों पर ढोकर अस्पताल पहुंचाने की नौबत न आए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क नहीं बनती, तब तक विकास के दावे उनके लिए केवल कागजी साबित होते रहेंगे। गांव की यह तस्वीर आज भी पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
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