दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।।सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन, अगस्त्यमुनि (रुद्रप्रयाग) ने स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन भेजकर गोल्डन कार्ड योजना की खामियों को तत्काल दूर करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों से नियमित अंशदान लेने के बावजूद अधिकांश अस्पताल गोल्डन कार्ड पर समुचित उपचार देने से बच रहे हैं, जिससे बुजुर्ग पेंशनरों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने मांग की है कि आयुष्मान कार्ड की तर्ज पर गोल्डन कार्ड को भी प्रभावी बनाया जाए, ओपीडी सुविधाएं निशुल्क हों, जिला अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, पेंशनर्स के लिए अलग काउंटर बनाया जाए तथा सभी संबद्ध अस्पतालों को गोल्डन कार्ड पर इलाज देने के लिए बाध्य किया जाए।
संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पुरोहित ने कहा कि “सरकार ने पेंशनरों के हित में गोल्डन कार्ड योजना शुरू की थी, लेकिन धरातल पर यह योजना अपने उद्देश्य से भटक गई है। पेंशनरों से हर महीने अंशदान लिया जा रहा है, जबकि जरूरत पड़ने पर अस्पताल इलाज से मना कर देते हैं। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारी मांग है कि सरकार तत्काल प्रभाव से गोल्डन कार्ड की सभी खामियों को दूर करे, अस्पतालों को जवाबदेह बनाए और पेंशनरों को सम्मानजनक एवं निर्बाध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए। यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।”
सरकार से अब उम्मीद है कि वर्षों तक प्रदेश की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की इस जायज़ मांग पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाएगा।











