दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग, 18 जुलाई।। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष माननीय जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह की अध्यक्षता में “कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act)” विषय पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सचिव श्रीमती पायल सिंह ने कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्यस्थल पर कार्य करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का लैंगिक उत्पीड़न महिला की गरिमा और उसके विधिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों में POSH Act के अनुरूप आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन, शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण तथा लैंगिक संवेदनशील कार्य संस्कृति विकसित करने पर विशेष बल दिया।
प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों ने POSH अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों, ICC के गठन एवं शिकायत निस्तारण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से जागरूकता वीडियो और पावर-पॉइंट प्रस्तुतीकरण (PPT) का भी उपयोग किया गया। कार्यशाला के दौरान महिलाओं की सुरक्षा एवं अधिकारों से जुड़े विभिन्न कानूनों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध संस्थागत सहायता तंत्र की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई। साथ ही सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल के निर्माण में नियोक्ताओं और कर्मचारियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। नाटक के माध्यम से कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न, उनके अधिकारों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा समाज एवं संस्थानों की जिम्मेदारियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसकी प्रतिभागियों ने सराहना की।संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों के प्रश्नों का विशेषज्ञों ने समाधान किया। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी देकर पात्र व्यक्तियों से इन सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की गई।
समापन अवसर पर सचिव श्रीमती पायल सिंह ने महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सुरक्षित एवं सकारात्मक कार्यस्थल के निर्माण में सभी से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति और संस्था की सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी भी है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया।











