दस्तक पहाड न्यूज देहरादून। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा 13 अगस्त 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के मद्देनजर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को आवश्यक सावधानियां और तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा है।
14 अगस्त को चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है।वहीं चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। राज्य के शेष जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर को लेकर येलो अलर्ट रहेगा।
15 अगस्त को पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट
15 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली के साथ तेज से अति तेज बारिश हो सकती है।
16 और 17 अगस्त को भी ऑरेंज अलर्ट
16 अगस्त को चम्पावत, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा की संभावना जताई गई है।
वहीं 17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन दोनों जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने और अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर की संभावना है। राज्य के अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
सचिव विनोद कुमार सुमन ने आमजन से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने भूस्खलन एवं चट्टान गिरने की आशंका वाले संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों और जलधाराओं के आसपास जाने से बचने को कहा।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश या अचानक बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें और सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार करने का प्रयास न करें। आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान उफनती नदियों, धाराओं और नालों में तैरने अथवा नौका विहार करने से भी बचने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में सतर्कता बरतने की अपील की है।











