दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर चंद्रकुंवर बर्त्वाल और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी अवतार सिंह राणा की स्मृतियों को समर्पित चंद्रकुंवर बर्त्वाल स्मृति साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मेला एवं अवतार सिंह राणा स्मृति समारोह का आयोजन 20 अगस्त 2026 को अगस्त्यमुनि में किया जाएगा।
अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य, लोकसंस्कृति, सामाजिक चेतना और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्षशील इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना है। आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और पहचान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हिमवंत साहित्य सम्मान से प्रोफेसर मृदुला जुगरान को सम्मानित किया जाएगा। वहीं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में योगदान और संघर्षशील भूमिका के लिए अवतार सिंह राणा स्मृति सम्मान श्री कल्याण सिंह पुंडीर को प्रदान किया जाएगा।
प्रो. मृदुला जुगरान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग की संयोजक एवं विभागाध्यक्ष के साथ-साथ एसीएल/कला, संचार एवं भाषा संकाय की डीन भी रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में लगभग 44 वर्षों का दीर्घ शैक्षणिक सेवाकाल पूरा किया है और विभिन्न शैक्षिक निकायों में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं।हाईस्कूल से एमए तक प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाली प्रो. जुगरान ने एमए में स्वर्ण पदक हासिल किया। वर्ष 1980 में गढ़वाल विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनकी नियुक्ति हुई थी। लंबे अकादमिक जीवन के दौरान उन्होंने हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं में शोधार्थियों को मौलिक एवं मूल्यपरक शोध के लिए प्रेरित किया। उनके निर्देशन में अब तक 27 शोधार्थियों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।
- उत्तराखंड राज्य आंदोलन में योगदान और संघर्षशील भूमिका निभाने वाले ग्राम खरगेड़, विकासखंड अगस्त्यमुनि निवासी श्री कल्याण सिंह पुंडीर उन आंदोलनकारियों में रहे, जिन्होंने पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर चले जनआंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। आंदोलन के दौर में उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर जनभावनाओं को आवाज देने और राज्य निर्माण की मांग को मजबूती प्रदान करने में अपनी भूमिका निभाई। कठिन परिस्थितियों और संघर्ष के दौर में आंदोलन के साथ खड़े रहना उनके दृढ़ संकल्प और उत्तराखंड के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पृथक राज्य की मांग को लेकर चले आंदोलन में पहाड़ के गांव-गांव से लोगों ने भागीदारी की थी। इसी व्यापक जनसंघर्ष का हिस्सा रहे श्री कल्याण सिंह पुंडीर का योगदान भी उत्तराखंड राज्य आंदोलन की स्थानीय संघर्षगाथा से जुड़ा है। उनकी संघर्षशील भूमिका और आंदोलन के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मान देते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।
संस्थान के अध्यक्ष हरीश गुसाई के अनुसार यह आयोजन केवल दो महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों को नमन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की साहित्यिक चेतना, लोक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
संस्थान के सचिव सुधीर बर्त्वाल ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन 20 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि में किया जाएगा। आयोजकों ने साहित्य, संस्कृति और उत्तराखंड की विरासत से जुड़े लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर इसे सफल बनाने की अपील की है।











