दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्थित रतूड़ा में उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ की ओर से करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘गढ़ दर्शन’ रिजॉर्ट एवं रेस्टोरेंट का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने रिजॉर्ट का उद्घाटन किया, जबकि सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। इस पहल को पर्यटन, सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
पहाड़ी खानपान और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा : ‘गढ़ दर्शन’ रिजॉर्ट के प्रथम चरण में 16 कॉटेज और रेस्टोरेंट तैयार किए गए हैं। चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित यह परिसर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को गढ़वाल की पारंपरिक संस्कृति, पहाड़ी व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों से परिचित कराने में अहम भूमिका निभाएगा।रिजॉर्ट में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक गढ़वाली व्यंजनों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे महिला समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलने के साथ उनकी आमदनी बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। आगामी चरणों में यहां गढ़वाल की ग्रामीण और लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
सहकारिता से आर्थिक समृद्धि का लक्ष्य: कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से जुड़े सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि महिलाओं की आय बढ़ाना और पहाड़ी उत्पादों को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार तथा सहकारिता विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से नए व्यावसायिक क्षेत्रों में काम करने और अधिक लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के अधिकारियों को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि ‘गढ़ दर्शन’ जैसे प्रयास महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और पर्वतीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में सहायक होंगे।डॉ. रावत ने कहा कि संघ का लक्ष्य अपने कारोबार को एक हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंचाना है। पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में प्रवेश इसी लक्ष्य की दिशा में उठाया गया कदम है।
स्थानीय युवाओं को रोजगार, पलायन रोकने की उम्मीद: कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में इस तरह के रिजॉर्ट और रेस्टोरेंट की शुरुआत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और पलायन को कम करने में मदद मिल सकती है।उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्थानीय व्यंजनों और उत्पादों से जोड़ने से उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो सकेगा।
बायो फर्टिलाइजर से लेकर हॉस्पिटैलिटी तक विस्तार: उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला ने बताया कि संघ पारंपरिक कार्यों के साथ पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सहित नए व्यावसायिक क्षेत्रों में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रहा है। संघ की ओर से जल्द ही वाटर प्लांट शुरू करने की भी तैयारी है।उन्होंने कहा कि एक हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर का लक्ष्य हासिल करने के लिए बायो फर्टिलाइजर, धान खरीद, मिलेट्स खरीद और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में भी विस्तार किया जा रहा है। ‘गढ़ दर्शन’ रिजॉर्ट इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
पर्यटन और ग्रामीण आजीविका को जोड़ने की पहल: रतूड़ा में शुरू हुआ ‘गढ़ दर्शन’ रिजॉर्ट स्थानीय संस्कृति, पर्यटन और ग्रामीण आजीविका को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। यदि यहां स्थानीय उत्पादों की नियमित बिक्री, पारंपरिक भोजन और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं, तो यह पहल क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकती है।कार्यक्रम में उप निबंधक सहकारी समितियां सुरेंद्र पाल, यूसीएफ के महाप्रबंधक टी.एस. रावत, जिला सहायक निबंधक रणजीत सिंह राणा, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, जिला सहकारी बैंक चमोली के महाप्रबंधक विश्व विजय, प्रबंधक सुशील तिवारी, सुमन पांडे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।










