दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग, 28 अक्टूबर। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को सिरोबगड़ लैंडस्लाइड जोन का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए चल रहे ट्रीटमेंट कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। डीएम ने सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि मार्ग पर यातायात सुचारु रहने के साथ यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिरोबगड़ लैंडस्लाइड जोन में सड़क के दोनों ओर 100 मीटर के दायरे में आवश्यक साइनेज लगाने के निर्देश दिए। इन साइनेज के माध्यम से वाहन चालकों को भूस्खलन संभावित क्षेत्र, निर्माण कार्यों और आवश्यक यातायात सावधानियों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वाहन चालक संवेदनशील क्षेत्र में पहले से सतर्क रह सकेंगे और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकेगा।जिलाधिकारी ने कहा कि ट्रीटमेंट कार्यों के दौरान आमजन, स्थानीय निवासियों और मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और निर्माण के दौरान यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने तथा आवश्यकता के अनुसार यातायात नियंत्रण के लिए कार्मिकों की तैनाती के भी निर्देश दिए।
भारी मशीनरी की आवाजाही की सूचना पहले देनी होगी: डीएम विशाल मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रीटमेंट कार्य के दौरान यदि किसी बड़ी मशीनरी या भारी उपकरण को साइट पर लाया जाना हो तो इसकी सूचना समय रहते पुलिस और प्रशासन को अनिवार्य रूप से दी जाए। इससे यातायात को नियंत्रित करने और संभावित जाम से बचने के लिए समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकेंगी।उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों को ट्रीटमेंट कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही आवश्यक संसाधनों और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित कर कार्यों में अनावश्यक विलंब रोकने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण है सिरोबगड़ मार्ग : जिलाधिकारी ने कहा कि सिरोबगड़ मार्ग चारधाम यात्रा सहित जनपद के आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस संवेदनशील क्षेत्र में सड़क सुरक्षा, यातायात की सुगमता और भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि ट्रीटमेंट कार्य इस प्रकार किए जाएं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध हो सके।










