दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। पहाड़ों से पलायन के बीच कुछ युवा अपने गांव लौटकर स्वरोजगार की राह चुन रहे हैं। अगस्त्यमुनि विकासखंड के पाटा गांव निवासी सोहन सिंह बिष्ट ने पंजाब की नौकरी छोड़कर रुद्रप्रयाग में बेकरी व्यवसाय शुरू किया और आज सफल उद्यमी के रूप में पहचान बना रहे हैं।
सोहन सिंह ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से बेकरी उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 8.50 लाख रुपये का ऋण लेकर बेकरी यूनिट स्थापित की। योजना के तहत उन्हें 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ भी मिला।उनकी बेकरी में ब्रेड, बन, बिस्कुट, पेटीज, केक और नमकीन सहित विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इनकी आपूर्ति रुद्रप्रयाग के अलावा अन्य जनपदों में भी की जा रही है।आज सोहन सिंह अपने व्यवसाय से प्रतिवर्ष करीब 8 से 10 लाख रुपये का लाभ अर्जित कर रहे हैं और 10 से 12 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। उनके उद्यम से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही अन्य युवाओं को भी अपने गांव और क्षेत्र में रहकर स्वरोजगार अपनाने की प्रेरणा मिल रही है। सोहन सिंह बिष्ट की कहानी रिवर्स पलायन और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर सामने आई है। उनका कहना है कि प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का सहयोग और मेहनत के जरिए पहाड़ में भी स्वरोजगार के बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं।


रिवर्स पलायन की मिसाल बने








