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Dastak Pahad Team

पारिवारिक हिंसा और सामाजिक बुराइयों पर चोट करेगी गढ़वाली फिल्म ‘चंद्रा’, 13 वर्ष बाद संजय नेगी की वापसी बनी चर्चा का विषय, जिम्मेदार ऑफिसर की भूमिका में आएंगे नजर

दस्तक पहाड़ न्यूज। रुद्रप्रयाग । उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को दर्शाती गढ़वाली फीचर फिल्म ‘चंद्रा’ में रुद्रप्रयाग जिले के दशज्यूला काण्डई निवासी संजय नेगी 13 साल बाद अभिनय की दुनिया में वापसी करने जा रहे हैं। फिल्म में वे एक जिम्मेदार ऑफिसर की भूमिका निभाते नजर आएंगे।

संजय नेगी ने देहरादून में थिएटर के माध्यम से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने टीवी और फिल्मों में भी काम किया। वे फिल्म ‘ब्योली’ में सह-अभिनेता के रूप में नजर आए थे। इसके अलावा वर्ष 2013 में लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘CID’ में भी उन्होंने एक छोटी भूमिका निभाई थी। अब लंबे अंतराल के बाद वे गढ़वाली फिल्म ‘चंद्रा’ के जरिए पर्दे पर वापसी कर रहे हैं।

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निर्देशक कांता प्रसाद के निर्देशन में बनी यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास भी करती है। फिल्म में पारिवारिक हिंसा, सामाजिक बुराइयों और उनसे उबरने की उम्मीद जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। उत्तराखंड की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों की पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी अच्छाई की जीत और सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है।

संजय नेगी की वापसी उनके व्यक्तिगत अभिनय सफर के साथ-साथ पहाड़ की प्रतिभा और स्थानीय कलाकारों के योगदान को भी सामने लाती है। उनकी भूमिका के माध्यम से दर्शकों को जिम्मेदारी, सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच का संदेश मिलने की उम्मीद है।

गढ़वाली सिनेमा उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मुद्दों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में ‘चंद्रा’ जैसी फिल्में स्थानीय भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज में जागरूकता लाने में भी भूमिका निभा सकती हैं।

संजय नेगी ने कहा कि लंबे समय बाद अभिनय की दुनिया में वापसी करना मेरे लिए खास अनुभव है। ‘चंद्रा’ जैसी फिल्म का हिस्सा बनना खुशी की बात है, क्योंकि यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सामने लाती है। उम्मीद है कि दर्शक फिल्म की कहानी और इसके संदेश से जुड़ाव महसूस करेंगे।

फिल्म से उम्मीद की जा रही है कि दर्शक इसकी कहानी का आनंद लेने के साथ-साथ इसके सामाजिक संदेश को भी आत्मसात करेंगे। आखिरकार, समाज में सकारात्मक बदलाव की राह अच्छाई, संवेदनशीलता और सही मूल्यों से ही निकलती है।

फिल्म ‘चंद्रा’ में मिनी उनियाल, सुनील सिंह, अनुज हीत, प्रताप सिंह, अनुष्का पंवार, सुशील पुरोहित, अंकित रौथाण, हर्ष खत्री, आस्था रावत, मोहित थपलियाल, संजय नेगी, प्रकाश पांडे, अनुराग भंडारी, आस्था उपाध्याय, अर्पित पंवार, धीरज रावत, आस्था नेगी, जसपाल राणा, मोहन सिंह पंवार ‘बहादुर’, साक्षी पंवार, इंदु रावत, चैन सिंह पंवार, सुषमा व्यास, सिद्धार्थ बडोनी, कुलदीप असवाल, संजीत कुकरेती, दीपक आनंद भट्ट, प्रवीण बिष्ट, उम्मेद सिंह बिष्ट, रामसेवक पुरी और सुनील उपाध्याय सहित अनेक कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन कांता प्रसाद ने किया है, जबकि मुख्य सहायक निर्देशक पार्थ कोटियाल तथा सहायक निर्देशक अक्षिता कोटियाल और शशांक पांडे हैं। फिल्म की कहानी और गीत भगवती प्रसाद उपाध्याय ने लिखे हैं तथा पटकथा एवं संवाद देवी प्रसाद सेमवाल ने तैयार किए हैं। फिल्म के निर्माता अर्जुन असवाल और कुलदीप असवाल हैं। संगीत निर्देशन संजय कुमोला ने किया है, जबकि बैकग्राउंड म्यूजिक संजय कुमोला और विजयपाल कंडारी ने दिया है। फिल्म में मीना राणा, कैलाश कुमार, सुशील राजश्री, अंजलि खरे, रेणु बाला, सौरभ मैठाणी और प्रतीक्षा बमराड़ा ने पार्श्व गायन किया है तथा ध्रुविका और सुरभि ने बैकिंग वोकल्स में सहयोग दिया है। फिल्म के छायाकार नागेंद्र प्रसाद हैं, जबकि सहायक छायाकार के रूप में नितेश भट्ट और अमित सिंह ने काम किया है। गीतों और दृश्यों को आकर्षक बनाने में कोरियोग्राफर रवि राणा और संजीता कुकरेती का योगदान रहा है।

 

मंगलवार, 27 अक्तूबर 2026

आज का सुविचार

प्रशंसा से पिघलना मत और आलोचना से उबलना मत। निंदा उसी की होती है जो जिन्दा है, मरी हुई चीजों की तो अक्सर सिर्फ तारीफ ही होती है। सही समालोचना को स्वीकारें और आगे बढ़ें।

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