दीपक बेंजवाल / दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि। पहाड़ की पहचान केवल अपनी खूबसूरत वादियों और धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि यहां के लोगों की ईमानदारी, सरलता और आत्मीय व्यवहार से भी है। अगस्त्यमुनि में एक व्यापारी ने सड़क किनारे मिला पर्स उसके असली मालिक तक पहुंचाकर एक बार फिर इस भरोसे को मजबूत किया है।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी अमित कुमार केदारनाथ यात्रा पर जा रहे थे। शुक्रवार शाम वह अगस्त्यमुनि में अपने परिचित से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान ब्लॉक रोड के समीप उनका पर्स कहीं गिर गया और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। इसी बीच वहां स्थित उमेश लाइट कॉर्नर के संचालक उमेश चंद्र भट्ट की नजर सड़क पर पड़े पर्स पर पड़ी। उन्होंने आसपास पूछताछ की और काफी देर तक पर्स के मालिक की तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने इसकी सूचना व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी को दी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर पर्स खोला गया। पर्स में दस हजार की नकदी, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। आधार कार्ड पर लगी फोटो देखकर पर्स के मालिक की पहचान हो गई। जानकारी मिली कि अमित कुमार पूर्व में भारतीय स्टेट बैंक की अगस्त्यमुनि शाखा में कार्यरत रह चुके हैं। इसके बाद फोन के माध्यम से अमित कुमार से संपर्क कर उन्हें पर्स मिलने की सूचना दी गई। अपना पर्स सुरक्षित मिलने की खबर सुनकर अमित कुमार भावुक हो गए और खुशी में मिठाई का डिब्बा लेकर उमेश लाइट कॉर्नर पहुंचे। व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी की मौजूदगी में व्यापारी उमेश चंद्र भट्ट ने पर्स उसके मालिक अमित कुमार को सकुशल सौंप दिया। पर्स वापस मिलने पर अमित कुमार ने व्यापारी उमेश चंद्र भट्ट और व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी का आभार जताया। अमित कुमार ने कहा कि पहाड़ के लोग हमेशा से अपनी ईमानदारी, सरलता और आत्मीय व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। आज एक बार फिर अगस्त्यमुनि के लोगों की ईमानदारी और अपनत्व ने उनका दिल जीत लिया। पर्स में मौजूद नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखकर उसे उसके मालिक तक पहुंचाने की इस पहल ने न केवल एक व्यक्ति की परेशानी दूर की, बल्कि समाज के सामने ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल भी पेश की, जो आज के दौर में बेहद प्रेरणादायी है।


पर्स मिला तो मालिक की








