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Dastak Pahad Team

गोदाम फुल, सड़क पर शराब का ढेर, केदारनाथ मार्ग पर खड़े ट्रकों ने खड़े किए सवाल

दस्तक पहाड न्यूज तिलवाड़ा (रुद्रप्रयाग)। आस्था और पर्यटन के प्रमुख मार्ग के रूप में पहचान रखने वाले केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दिनों एक अजीब और चिंताजनक नज़ारा देखने को मिल रहा है। तिलवाड़ा क्षेत्र में पिछले करीब दो हफ्तों से शराब से लदे कई ट्रक सड़क किनारे खड़े हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित गोदामों में जगह न होने के कारण यह सप्लाई बीच रास्ते में ही अटक गई है। अब हाईवे ही अस्थायी गोदाम में तब्दील होता नजर आ रहा है।

गोदामों में जगह नहीं, सड़क पर खड़ी लाखों की शराब

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शराब की बड़ी खेप गोदामों तक पहुंची जरूर, लेकिन भंडारण क्षमता पूरी होने के कारण ट्रकों को अनलोड नहीं किया जा सका। नतीजतन, लाखों रुपये कीमत की शराब खुले में खड़े ट्रकों में ही पड़ी है। यह स्थिति न सिर्फ प्रशासनिक प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

केदारनाथ मार्ग की छवि पर असर

केदारनाथ यात्रा मार्ग धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में सड़क किनारे दिनों तक शराब से लदे ट्रकों का खड़ा रहना स्थानीय लोगों को भी अखर रहा है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही वाले मार्ग पर इस तरह का दृश्य क्षेत्र की छवि को भी प्रभावित कर रहा है।

सुरक्षा खतरा और दुर्घटना की आशंका

हाईवे पर लंबे समय से खड़े भारी वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। रात के समय दृश्यता कम होने पर खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पहले ही कई जगह संकरी है, ऐसे में ट्रकों की लंबी कतार यातायात को बाधित कर रही है। साथ ही, शराब से भरे ट्रकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है—चोरी, लूट या अवैध छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

चालक भी परेशान

ट्रक चालकों का कहना है कि उन्हें कई दिनों से यहीं रुकना पड़ रहा है। न तो स्पष्ट निर्देश मिल रहे हैं और न ही जल्द अनलोडिंग की कोई व्यवस्था दिख रही है। लंबे इंतजार से उनके खाने-पीने और अन्य जरूरतों पर भी असर पड़ रहा है।

प्रशासनिक लापरवाही या सप्लाई प्रबंधन की चूक?

अब बड़ा सवाल यही है कि यह स्थिति आखिर बनी कैसे? क्या शराब की सप्लाई तय क्षमता से अधिक भेज दी गई, या गोदाम प्रबंधन और वितरण व्यवस्था में तालमेल की कमी रही? स्थानीय लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही मान रहे हैं, जबकि विभागीय स्तर पर अभी तक स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

त्वरित समाधान की जरूरत

हाईवे पर खड़े इन ट्रकों को जल्द सुरक्षित स्थान पर हटाने और भंडारण की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग उठने लगी है। केदारनाथ जैसे आस्था के मार्ग पर ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहना कई स्तरों पर गंभीर परिणाम ला सकता है।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस ‘सड़क पर खड़े जाम’ को कितनी जल्दी हटाते हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

रविवार, 25 अक्तूबर 2026

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