दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। जिले की बच्छणस्यूं पट्टी के क्वली गांव में होली के मौके पर वन्यजीव शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। होली के जश्न के दौरान कुछ लोगों पर ऐसा खुमार चढ़ा कि उन्होंने चिकन-मटन की जगह प्रतिबंधित श्रेणी के वन्यजीव काकड़ (भौंकने वाला हिरण) का शिकार कर उसका मांस खा लिया।
मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और काकड़ के अवैध शिकार तथा उसके मांस के सेवन के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई होली के दिन ही की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार काकड़ संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आता है और उसका शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग की टीम ने मौके से शिकार से जुड़े कुछ साक्ष्य भी बरामद किए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और वन विभाग ने लोगों से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।


रूद्रप्रयाग में होली में चिकन









