Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

रुद्रप्रयाग जिले में ‘गोल्ड–सिल्वर गेम’ का भंडाफोड़! सोने के नाम पर पीतल, चांदी में मिलावट, सराफा बाजार में भरोसे पर बड़ा सवाल

दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। देवभूमि के पहाड़ी जिले रुद्रप्रयाग में इन दिनों सराफा बाजार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आभूषणों की शुद्धता पर उठ रहे सवालों ने आम ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ कारोबारी असली सोने और चांदी के नाम पर मिलावटी धातु बेचकर लोगों की मेहनत की कमाई से खिलवाड़ कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाजार में संदेह और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सस्ती धातु या पीतल पर सोने की पतली परत चढ़ाकर उसे ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। वहीं चांदी में भी शुद्धता से समझौते की आशंकाएं जताई जा रही हैं। जिले के तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ और जखोली सहित आसपास के क्षेत्रों से भी ऐसी चर्चाएं सामने आ रही हैं। आरोपों के अनुसार कुछ मामलों में वजन पूरा दिया जाता है, लेकिन धातु की शुद्धता कम पाई जा रही है। कुछ ग्राहकों ने आभूषणों के समय से पहले काले पड़ने या त्वचा संबंधी शिकायतें होने की बात भी कही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुद्धता की पहचान के लिए हॉलमार्क सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण होता है। चांदी के असली आभूषणों पर सामान्यतः “925” अंकित होता है, जिसका अर्थ है कि उसमें 92.5 प्रतिशत शुद्ध चांदी है। इसी प्रकार सोने के आभूषण 18, 20 या 22 कैरेट हॉलमार्क के साथ आते हैं। देश में आभूषणों की शुद्धता का प्रमाणन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा किया जाता है, और BIS हॉलमार्क को सरकारी गारंटी माना जाता है। बिना हॉलमार्क के आभूषण खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
चांदी में मजबूती बनाए रखने के लिए सीमित मात्रा में अन्य धातुएं मिलाना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यदि अत्यधिक सस्ती या निकृष्ट धातुएं मिलाई जाएं तो शुद्धता घट जाती है जबकि बाहरी चमक बनी रहती है। इससे ग्राहक को असली कीमत चुकाने के बावजूद कम गुणवत्ता का आभूषण मिल सकता है। इसी तरह कुछ मामलों में तांबे या अन्य सस्ती धातु पर सोने की पतली परत चढ़ाकर उसे असली सोने के रूप में बेचे जाने की बात कही जा रही है। बाहर से चमकदार दिखने वाला आभूषण भीतर से कम मूल्य का हो सकता है और समय के साथ उसकी परत उतरने या रंग बदलने की संभावना रहती है।
ग्राहकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि सराफा दुकानों की नियमित जांच, सैंपल परीक्षण और समय-समय पर अभियान चलाए जाने चाहिए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह मामला आम जनता के विश्वास को गहरा आघात पहुंचा सकता है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे केवल हॉलमार्क युक्त आभूषण ही खरीदें, 925, 18K या 22K जैसे अंकन अवश्य जांचें, खरीद का पक्का बिल और शुद्धता प्रमाणपत्र लें तथा अत्यधिक सस्ती कीमत के लालच में न आएं। संदेह होने पर अधिकृत जांच केंद्र में परीक्षण कराया जा सकता है। साधारण स्तर पर चुंबक परीक्षण भी किया जा सकता है, क्योंकि शुद्ध चांदी चुंबकीय नहीं होती।
सोना और चांदी केवल आभूषण नहीं, बल्कि लोगों की जीवनभर की बचत और विश्वास का प्रतीक हैं। यदि मिलावट के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि सामाजिक भरोसे पर भी गंभीर चोट होगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

Advertisement Box
पहाड़ की बदहाली ने ली एक और जान: अस्पताल की जर्जर दीवार गिरी, मलबे में दबे चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत
आज फोकस में

पहाड़ की बदहाली ने ली एक और जान: अस्पताल की जर्जर दीवार गिरी, मलबे में दबे चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत

“बेटी की अंतिम इच्छा ने बदल दी ज़िंदगी: विदेश छोड़ गाँव लौटे जयेंद्र राम जगवाण, 35 लाख की ‘आयशा वाहिनी’ एंबुलेंस से शुरू किया सेवा मिशन”
आज फोकस में

“बेटी की अंतिम इच्छा ने बदल दी ज़िंदगी: विदेश छोड़ गाँव लौटे जयेंद्र राम जगवाण, 35 लाख की ‘आयशा वाहिनी’ एंबुलेंस से शुरू किया सेवा मिशन”

आप भी देखना चाहते देश दुनिया की मशहूर फिल्म तो आईऐ, अगस्त्यमुनि में 5 से 7 जुलाई तक होगा तीन दिवसीय ‘फिल्म मंथन 2026’
आज फोकस में

आप भी देखना चाहते देश दुनिया की मशहूर फिल्म तो आईऐ, अगस्त्यमुनि में 5 से 7 जुलाई तक होगा तीन दिवसीय ‘फिल्म मंथन 2026’

रामपुर तिराहा कांड: 32 साल बाद पुलिस का झूठ उजागर, अपने ही जाल में फंसे कानून के रखवाले, अब मिली सजा
आज फोकस में

रामपुर तिराहा कांड: 32 साल बाद पुलिस का झूठ उजागर, अपने ही जाल में फंसे कानून के रखवाले, अब मिली सजा

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?
आज फोकस में

देहरादून में दो छात्राएं तीन युवकों के साथ लिव-इन में मिलीं, अभिभावकों के लिए बड़ा सवाल: पढ़ाई या भटकाव?

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान
आज फोकस में

112 साल बाद सामने आई रुद्रप्रयाग के वीर सपूत बहादुर सिंह रावत की शौर्यगाथा, प्रथम विश्व युद्ध में दिया था सर्वोच्च बलिदान

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

आज का सुविचार

ईमानदारी एक महंगा शौक है जिसे हर कोई वहन नहीं कर सकता। इसे निभाने के लिए आत्मबल और साहस की आवश्यकता होती है, जो कमजोर चरित्र वालों के पास नहीं होता।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp