दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। जनपद रुद्रप्रयाग (गढ़वाल) की सिलगढ़ पट्टी अंतर्गत ग्राम सभा कुमड़ी में स्थित प्रसिद्ध श्री कूष्माण्डा देवी शक्तिपीठ मंदिर के सौन्दर्यीकरण कार्य के दौरान एक महत्वपूर्ण धार्मिक खोज सामने आई है। मंदिर के ठीक पीछे स्थित खेत में खुदाई के समय एक प्राचीन शिवलिंग प्राप्त हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का वातावरण बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर समिति द्वारा सौन्दर्यीकरण पहल के अंतर्गत मंदिर परिसर के आसपास स्थित सीढ़ीनुमा खेतों का समतलीकरण कार्य आधुनिक कैटरपिलर (जेसीबी प्रकार) मशीन के माध्यम से किया जा रहा है। यह मशीन मंदिर से लगभग 100 मीटर नीचे स्थित मोटर मार्ग से खेतों तक लाई गई थी। इसी दौरान, आज दिनांक 25 अप्रैल 2026 को खेत की खुदाई करते समय शिवलिंग के प्रकट होने से ग्रामवासियों में आश्चर्य और गहरी धार्मिक भावना का संचार हुआ।इस संबंध में कूष्माण्डा मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सौन्दर्यीकरण कार्य के दौरान प्राप्त इस शिवलिंग को मंदिर परिसर में उचित, सम्मानजनक एवं सुरक्षित स्थान प्रदान किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु भविष्य में इसे पूजनीय देवस्थल के रूप में दर्शन-पूजन कर सकें।
उल्लेखनीय है कि कुमड़ी गाँव में स्थित देवी कूष्माण्डा का मंदिर अत्यंत प्राचीन एवं सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का उल्लेख महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित स्कंदपुराण में भी मिलता है। मान्यता है कि यह एक दिव्य शक्तिपीठ है, जहाँ निष्काम भाव से किए गए दर्शन मात्र से भक्तों के दुःख, दरिद्रता और कष्टों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और कल्याण की प्राप्ति होती है।सौन्दर्यीकरण कार्य के दौरान शिवलिंग का प्राप्त होना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह क्षेत्र की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को भी और अधिक सुदृढ़ करता है।ग्राम सभा कुमड़ी से श्री प्रताप सिंह रावत (मढ़पति), श्री तोता सिंह रावत, श्री मनवर सिंह रावत, श्री दिगपाल सिंह बिष्ट, श्री किशन सिंह रावत, श्री देवराम भट्ट तथा मंदिर समिति के पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।











