अगस्त्यमुनि। जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विकासखंड अंतर्गत ग्राम बीरों देवल की लिंक रोड पिछले कई वर्षों से बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग (PWD) में पंजीकृत होने के बावजूद आज तक इसका डामरीकरण नहीं हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि इस सड़क के बाद स्वीकृत कई अन्य सड़कों का निर्माण और डामरीकरण पूरा हो चुका है, जबकि बीरों देवल की सड़क आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।
ग्रामीणों द्वारा विभाग को कई बार लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र सौंपे गए हैं। उपलब्ध प्रार्थना पत्रों के अनुसार, सड़क की जर्जर स्थिति के कारण स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में सड़क पर कीचड़ भर जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जबकि गर्मियों में उड़ने वाली धूल दुकानों और घरों तक पहुंचती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग हर बार बजट की कमी का हवाला देकर मामले को टाल देता है। जबकि सड़क वर्षों पहले विभाग में दर्ज हो चुकी है। इससे ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गांववासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता विजेंद्र कुमार ने कहा, “बीरों देवल की यह सड़क वर्ष 2016 में विभाग में पंजीकृत होने के बावजूद आज तक डामरीकरण का इंतजार कर रही है। हमने कई बार लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दीं, लेकिन हर बार बजट का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है। सबसे दुखद बात यह है कि इस सड़क के बाद स्वीकृत कई अन्य सड़कों का निर्माण और डामरीकरण हो चुका है, जबकि हमारी सड़क आज भी बदहाल है। बरसात में कीचड़ और गर्मियों में धूल के कारण दुकानदारों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। यह केवल सड़क का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का सवाल है। हम शासन-प्रशासन से मांग करते हैं कि बीरों देवल सड़क के डामरीकरण के लिए तत्काल बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।”
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि बीरों देवल लिंक रोड के लिए शीघ्र बजट स्वीकृत कर डामरीकरण कराया जाए। साथ ही सड़क के किनारे आवश्यक सुरक्षा कार्य, नालियां और जल निकासी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को वर्षों से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि वर्षों से लंबित इस सड़क की सुध लेने के लिए लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन कब तक ठोस कदम उठाता है।











