दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) रुद्रप्रयाग द्वारा वार्ड संख्या-02 में “नशा मुक्त युवा, सशक्त भारत” विषय पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में सचिव श्रीमती पायल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
शिविर का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, नशे से होने वाली सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जागरूक करना था। कार्यक्रम में बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास को भी प्रभावित करता है।इस अवसर पर सचिव श्रीमती पायल सिंह ने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की DAWN (Drug Awareness & Wellness Navigation for a Drug Free India) Scheme-2025 के तहत नशे से प्रभावित लोगों को विधिक सहायता, परामर्श एवं पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।शिविर में प्रतिभागियों को नशीले पदार्थों से जुड़े कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक व्यवस्थाओं और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उपस्थित लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और नशा मुक्त जीवन के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को “नशे को कहें ना, जीवन को कहें हाँ” का संकल्प दिलाते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई।











