दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। रुद्रप्रयाग जनपद के उत्तरी जखोली रेंज के कोटी पठालीधार गांव में बीते बुधवार 65 वर्षीय नारायणी देवी पर गुलदार के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हमले के बाद भी गुलदार लगातार गांव के आसपास दिखाई दे रहा है, जिससे लोगों में भय और बढ़ गया है।
गुरुवार शाम घायल महिला के पुत्र पंकज रावत अपनी पत्नी के साथ नौ पंद्यरा तोक में घास काटने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपा गुलदार अचानक उनके सामने आ गया। दोनों ने शोर मचाया तो गुलदार जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई। पंकज रावत ने बताया कि उनकी मां पर हुए हमले के बाद वन विभाग की टीम गांव में लगातार गश्त कर रही है और निगरानी के लिए कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद गुलदार का बार-बार गांव में दिखाई देना ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गुलदार काफी बड़ा है और आशंका है कि वह फिर किसी पर हमला कर सकता है। इसलिए वन विभाग जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने की कार्रवाई करे।उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गांव की पेयजल लाइन खराब होने के कारण पानी की आपूर्ति बंद है। ऐसे में ग्रामीणों को मजबूरी में नौ पंद्यरा तोक स्थित प्राकृतिक जलस्रोत से पानी लाना पड़ रहा है। यही वह क्षेत्र है जहां गुलदार बार-बार दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि यदि पेयजल लाइन जल्द ठीक हो जाए तो लोगों को उस इलाके में नहीं जाना पड़ेगा और खतरा भी कम होगा।
इधर, वन विभाग के एसडीओ जखोली दिवाकर पंत ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। स्वयं भी टीम के साथ गांव का निरीक्षण किया गया है। ग्रामीणों को अकेले जंगल या दूरस्थ क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।
इस मामले में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने भी गंभीरता दिखाते हुए प्रमुख वन सचिव श्री आर. के. सुधांशु से वार्ता की। विधायक ने प्रमुख वन सचिव को गांव की स्थिति से अवगत कराते हुए गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने, वन विभाग की गश्त और निगरानी बढ़ाने तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग को गांव की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को शीघ्र दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि ग्रामीणों को मजबूरी में गुलदार प्रभावित क्षेत्र में न जाना पड़े।विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।











