दस्तक पहाड़ न्यूज अगस्त्यमुनि।। बड़ेथ गांव में लगातार हो रहा भूस्खलन अब ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन गया है। बीते वर्ष से भट्टवाड़ी गांव की ओर से लगातार मलबा और पत्थर बड़ेथ गांव की तरफ आ रहे हैं। धीरे-धीरे बढ़ रहा यह भूस्खलन गांव के मकानों, गौशालाओं, खेतों और पैदल रास्तों को अपनी चपेट में ले चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्राम प्रधान बड़ेथ-भट्टवाड़ी मोहित सिंह नेगी ने बताया कि पिछले साल शुरू हुआ भूस्खलन लगातार तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है। मलबे और पत्थरों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है। भूस्खलन की चपेट में आने से ग्रामीण महावीर सिंह नेगी का पूरा मकान मलबे और पत्थरों से बर्बाद हो चुका है। परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अपना मकान छोड़ना पड़ा है। इसके अलावा करीब पांच गौशालाएं और एक मिलन केंद्र भी भूस्खलन की चपेट में आ चुके हैं। बड़ी संख्या में रोपाई वाले खेत भी तबाह हुए हैं, जिससे काश्तकारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रभावित ग्रामीण ज्ञान सिंह, वीरपाल सिंह, मदन सिंह, भीम सिंह, शिव सिंह और प्रेम सिंह ने बताया कि भूस्खलन की गतिविधि लगातार बनी हुई है। दिन में भी रुक-रुककर पत्थर और मलबा गिरता रहता है, जबकि रात के समय स्थिति और भयावह हो जाती है। पत्थरों के गिरने की आवाज और अचानक आने वाले मलबे के कारण ग्रामीण डर के साये में रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीण नरेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि भूस्खलन से केवल मकानों और खेतों को ही खतरा नहीं है, बल्कि गांव के पैदल आने-जाने वाले रास्ते भी इसकी चपेट में आ गए हैं। बच्चों के स्कूल जाने और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही के रास्ते क्षतिग्रस्त होने से परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र का तत्काल भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट कराने तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि भूस्खलन जिस तरह लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।











