जागतोली–कोटखाल और चौपड़ा–गढ़ीधार सड़क मार्ग को लेकर PMGSY के अधिशासी अभियंता को पत्र, समयसीमा में काम शुरू न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी
दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। दशज्यूला क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सड़क की समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। जिला पंचायत के सारी वार्ड से सदस्य जयवर्धन कण्डपाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर जागतोली–कोटखाल तथा चौपड़ा–गढ़ीधार सड़क मार्गों पर अधूरे पड़े डामरीकरण कार्य को 15 अक्टूबर 2026 से पूर्व दोबारा शुरू कराने की मांग की है।
02 अक्टूबर को भेजे पत्र में जिला पंचायत सदस्य ने कहा है कि दोनों सड़क मार्गों पर लंबे संघर्ष और क्षेत्रीय जनता के प्रयासों के बाद डामरीकरण का कार्य शुरू हुआ था। इससे ग्रामीणों को सड़क की स्थिति सुधरने और आवागमन बेहतर होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कुछ किलोमीटर डामरीकरण के बाद कार्य रोक दिया गया। पत्र के अनुसार दोनों मार्गों पर डामरीकरण का शेष कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।जयवर्धन कण्डपाल ने विभाग से मांग की है कि दोनों सड़कों के शेष डामरीकरण का कार्य 15 अक्टूबर से पहले पुनः शुरू कराया जाए। पत्र में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय तक काम शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। पत्र में इसके लिए उत्पन्न होने वाले जनआक्रोश और विरोध की जिम्मेदारी विभाग की होने की बात कही गई है।
भाजपा सरकार और भाजपा समर्थित जिला पंचायत व्यवस्था पर भी सवाल: यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है और रुद्रप्रयाग जिला पंचायत की अध्यक्ष पूनम कठैत भाजपा से निर्वाचित हुई हैं। अगस्त 2025 में पूनम कठैत ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता था। वहीं, राज्य सरकार स्वयं विकास, सुशासन और जनकल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में बताती रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मार्च 2026 में सरकार को विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्यरत बताया था। ऐसे में जागतोली–कोटखाल और चौपड़ा–गढ़ीधार जैसे ग्रामीण सड़क मार्गों पर डामरीकरण कार्य अधूरा रहने का मुद्दा स्थानीय स्तर पर भाजपा की कार्यप्रणाली और ‘सेवा-सुशासन’ के दावों पर सवाल खड़े करता है। खासकर तब, जब जिला पंचायत अध्यक्ष स्वयं दिसंबर 2025 में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क समेत मूलभूत सुविधाओं की कमी की बात सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं। सवाल यह है कि जब राज्य और स्थानीय जिला पंचायत नेतृत्व दोनों स्तरों पर विकास और सुशासन को प्राथमिकता बताया जा रहा है, तो दशज्यूला क्षेत्र की इन सड़कों का अधूरा डामरीकरण आखिर कब पूरा होगा?सितंबर 2026 में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में भी PMGSY सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा और सड़क निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए थे।


‘सड़क तक नहीं बन पा









