दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर तिमली गदेरा और चाका गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तिमली गदेर उफान पर है, जबकि मुख्य सड़क पर लगातार भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि गांव के स्कूली बच्चे भी फंस गए हैं और ग्रामीण खुद को एक तरह से “कैद” महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा में मंदाकिनी नदी के किनारे बना पैदल मार्ग पूरी तरह बह गया था। इसके बाद आज तक नया पैदल रास्ता नहीं बन पाया। ऐसे में नदी पार करने के लिए ट्रॉली ही लोगों का एकमात्र सहारा है। अब ट्रॉली के चक्कों के पास भी दीवार गिरने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस या प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि सड़क पर लगातार भूस्खलन हो रहा है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्राम प्रधान वंदना (चाका) ने बताया कि हर बरसात में गांव के लोगों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मांग पत्र सौंपे गए, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। मोटर पुल की मांग वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ी है।उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों की मांग झूला पुल के निर्माण की है, ताकि बरसात के दिनों में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण स्कूली बच्चों सहित धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।











