दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 को राजकीय इंटर कॉलेज, तिलकनगर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने की।
शिविर में छात्र-छात्राओं को लोकतंत्र, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्यों के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि समानता, स्वतंत्रता, न्याय, गरिमा और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता इसके महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्हें संवैधानिक अधिकारों के साथ अपने सामाजिक एवं राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक किया गया।इस दौरान NDPS एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट के संबंध में भी विस्तृत विधिक जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के सेवन, अवैध व्यापार एवं तस्करी से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा नशे के व्यक्तिगत और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। वहीं पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों को लैंगिक अपराधों से मिलने वाले कानूनी संरक्षण और उनके अधिकारों की जानकारी दी गई।नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से नशे के कारण व्यक्ति और परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह और अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सहित अन्य पात्र लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के अधिकार से अवगत कराया गया।सचिव श्रीमती पायल सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता केवल संवैधानिक संस्थाओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को कानून और अधिकारों के प्रति जागरूक करना सशक्त एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने विद्यार्थियों से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। साथ ही किसी भी विधिक समस्या अथवा अन्याय की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के अंत में निःशुल्क विधिक सहायता के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।











