दस्तक पहाड़ न्यूज रुद्रप्रयाग। आज ही के दिन अस्तित्व में आए रुद्रप्रयाग जनपद को बने 29 वर्ष पूरे हो गए हैं, लेकिन जिला गठन के इतने लंबे समय बाद भी जिले को अपना स्वतंत्र जिला सहकारी बैंक नहीं मिल पाया है। वर्तमान में रुद्रप्रयाग में संचालित सहकारी बैंक के नाम में आज भी चमोली और टिहरी गढ़वाल जिला सहकारी बैंक का उल्लेख होता है। इसको लेकर जिले में समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल ने कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद को बने 29 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी यहां के सहकारी बैंक पर चमोली और टिहरी गढ़वाल जिला सहकारी बैंक का नाम लिखा जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वह दिन कब आएगा, जब रुद्रप्रयाग के नाम से अपना “रुद्रप्रयाग जिला सहकारी बैंक” स्थापित होगा।
वहीं एनएस पंवार ने कहा कि प्रत्येक जनपद का अपना सहकारी बैंक होना चाहिए, लेकिन रुद्रप्रयाग जिले का सहकारी बैंक आज भी दो-दो जिलों के नाम से संचालित हो रहा है। उन्होंने इसे व्यवस्था की विडंबना बताते हुए कहा कि अलग जनपद बनने के 29 साल बाद भी जिले को अपनी स्वतंत्र सहकारी बैंकिंग व्यवस्था का इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला गठन की वर्षगांठ पर विकास की उपलब्धियों के साथ-साथ ऐसी पुरानी मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि रुद्रप्रयाग को उसकी प्रशासनिक पहचान के अनुरूप स्वतंत्र जिला सहकारी बैंक मिल सके।











