दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े के प्रथम दिवस अ.प्र.ब. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अगस्त्यमुनि में नमामि गंगे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस पखवाड़े के तहत आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने गंगा संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता की शपथ लेते हुए गंगा एवं पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के.सी. दुदपुड़ी ने कहा कि गंगा केवल हमारी आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि जीवन और पर्यावरण का महत्वपूर्ण आधार है। गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों को गंगा को प्रदूषण से मुक्त रखने और अपने आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।नमामि गंगे नोडल डॉ. तनुजा मौर्य ने गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही गंगा संरक्षण के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। डॉ. सतीश कुमार तिवारी ने स्वच्छता को स्वस्थ समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जनभागीदारी को आवश्यक बताया। डॉ. अमरदीप ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं स्वच्छता अपनाने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।वहीं, नमामि गंगे की सदस्य श्रीमती प्रीति बर्तवाल ने डी-कम्पोस्ट के महत्व तथा जैविक कचरे के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कचरे के बेहतर निस्तारण के साथ पर्यावरण हितैषी उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े के उद्देश्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ एवं निर्मल गंगा के लक्ष्य को साकार करने के लिए जनभागीदारी जरूरी है और युवा इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक श्री परमजीत, डॉ. संजय दत्त, कर्मचारी श्रीमती शर्मिला एवं श्रीमती संतोषी सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े की गतिविधियों की शुरुआत के रूप में आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से महाविद्यालय परिवार ने स्वच्छता, गंगा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।










