दस्तक पहाड न्यूज केदारनाथ/ अगस्त्यमुनि। । केदारनाथ धाम में मंदिर मार्ग पर संचालित अस्थायी दुकानों को हटाए जाने की कार्रवाई के बाद दुकानदारों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। शनिवार को बड़ी संख्या में दुकानदार हेलीपैड पर पहुंच गए और कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठ गए। दुकानदारों ने प्रशासन से उनके पक्ष को सुनने तथा रोजगार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की मांग की।
शनिवार को प्रशासन और पुलिस की निगरानी में मंदिर मार्ग पर संचालित अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद दुकानदारों में नाराजगी बढ़ गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में व्यापारी हेलीपैड पर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए।दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से यात्रा सीजन के दौरान केदारनाथ धाम में अस्थायी दुकानें लगाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। तीर्थयात्रियों को आवश्यक सामान उपलब्ध कराने के साथ इन्हीं दुकानों से होने वाली आय से उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है। उनका आरोप है कि अचानक दुकानें हटाए जाने से उनका रोजगार प्रभावित हुआ है और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।धरने पर बैठे दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की कि दुकानें हटाने से पहले उनके रोजगार और आजीविका के पक्ष को भी ध्यान में रखा जाए। उन्होंने पुनर्वास अथवा वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग उठाई। व्यापारियों का कहना है कि वे प्रशासन से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी आजीविका का कोई समाधान निकाला जाना चाहिए।दुकानदारों के हेलीपैड पर धरना देने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से बातचीत शुरू की। अधिकारियों की ओर से स्थिति को सामान्य करने तथा व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन फिलहाल उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
जिलाधिकारी ने बताई अतिक्रमण हटाने की वजह
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण के कारण तीर्थयात्रियों के आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा अतिक्रमण के चलते केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों में भी दिक्कतें आती हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल केदारनाथ धाम में अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई और व्यापारियों के धरने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन और व्यापारियों के बीच होने वाली बातचीत के बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।











