दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। अगस्त्यमुनि में वीरांगना संगठन के तत्वावधान में महिला रामलीला की षष्ठम् रात्रि अत्यन्त भावपूर्ण, आकर्षक एवं दर्शनीय रही। महिला कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सीता हरण लीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अध्यक्ष नपं राजेन्द्र गोस्वामी, कार्यक्रम अध्यक्ष कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कण्डारी, हरीश गुसाईं, पृथ्वी पाल सिंह रावत, भानु प्रताप सिंह रावत सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं श्रीराम वंदना के साथ किया गया।
षष्टम रात्रि की रामलीला के प्रथम दृश्य में भगवान श्रीराम का अत्रि ऋषि, माता अनुसूइया एवं महर्षि अगस्त्य से मिलन दिखाया गया। माता अनुसूइया द्वारा माता सीता को पतिव्रत धर्म का उपदेश एवं पंचवटी प्रवास का प्रसंग अत्यन्त मार्मिक रहा। इसके बाद पंचवटी में निवास के दौरान सूर्पणखा प्रसंग का सजीव मंचन हुआ। सूर्पणखा का भगवान श्रीराम पर मोहित होना तथा लक्ष्मण द्वारा उसके नाक-कान काटने के दृश्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। खर-दूषण वध के दृश्य ने वातावरण को वीर रस से भर दिया। इसके पश्चात रावण-मारीच संवाद, स्वर्ण मृग प्रसंग, लक्ष्मण रेखा एवं सीता हरण का मंचन अत्यन्त प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। जटायु और रावण के बीच हुए युद्ध का दृश्य दर्शकों को भावविभोर कर गया। मंचन के दौरान पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही तथा देर रात तक दर्शक रामलीला का आनंद लेते रहे।
मुख्य अतिथि राजेन्द्र गोस्वामी एवं कार्यक्रम अध्यक्ष कुलदीप कण्डारी ने महिला रामलीला समिति एवं वीरांगना संगठन की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन स्थानीय महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति समाज की आधारशिला है तथा उसके बिना समाज और संस्कृति की कल्पना अधूरी है। सूर्पणखा की भूमिका में शिक्षिका ललिता रौतेला, अगस्त्य ऋषि की भूमिका में बीना पंवार, भगवान राम, लक्ष्मण एवं माता सीता की भूमिकाओं में शिवानी भट्ट, सृष्टि कठैत एवं नेहा नेगी, खर-दूषण की भूमिका में अमिता कुँवर एवं ममता कैंतुरा, हास्य-व्यंग्य से भरपूर मंत्री की भूमिका में गीता एवं अनमोल, लंकापति रावण की भूमिका में पूर्व जिपंस देवश्वरी नेगी तथा मारीच की भूमिका में शिक्षिका कुसुम भट्ट ने अत्यंत सशक्त एवं गंभीर अभिनय प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बी०पी० बमोला के संगीत निर्देंशन में तबले पर अभिनव, अखिलेश नेगी, अमन, बाँसुरी पर हिमांशु पंवार ने संगत दी। संचालन वीरांगना संगठन की अध्यक्ष श्रीमती माधुरी नेगी ने प्रभावशाली ढंग से किया। मंच सज्जा एवं साज-सज्जा में भूपेन्द्र बेंजवाल, ललिता रौतेला, ताजवीर विष्ट एवं जीतेन्द्र रावत ने योगदान दिया। कार्यक्रम संयोजन में श्री विक्रम सिंह नेगी एवं श्री सावन सिंह नेगी का विशेष सहयोग सराहनीय रहा।इस अवसर पर महिला रामलीला समिति की अध्यक्ष सावित्री देवी, हरिसिंह खत्री, हर्षवर्धन राणा, देवी प्रसाद भट्ट एवं बचणस्यूं मण्डाण ग्रुप के अध्यक्ष अंकित रावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।











