दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। 10 जुलाई।। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में जलीय जैव विविधता के संरक्षण और मत्स्य संसाधनों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मंदाकिनी की सहायक सौरगाड़ नदी में 20,000 महाशीर मत्स्य बीजों का संचय किया गया। ये मत्स्य बीज भीमताल मत्स्य प्रजनन केंद्र से लाए गए थे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि महाशीर राज्य की महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ मत्स्य प्रजातियों में से एक है। इसका संरक्षण और संवर्धन न केवल नदियों की पारिस्थितिकी को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी सशक्त बनाएगा।कार्यक्रम में मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, गंगा संरक्षण समिति की परियोजना अधिकारी अभिलाषा पंवार, जिला मत्स्य प्रभारी मंजू भाकुनी, मत्स्य निरीक्षक गणेश अग्रवाल एवं अरविंद कुमार, नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के सुपरवाइजर सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।इस दौरान सभी ने मत्स्य संरक्षण, नदियों की स्वच्छता और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण का संदेश देते हुए इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई।











