दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में मंगलवार को ग्राम पंचायत बर्सू में “घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005” विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने की।
शिविर में महिलाओं एवं ग्रामीणों को घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक प्रताड़ना तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक और यौन उत्पीड़न भी इसके दायरे में आता है। साथ ही पीड़ित महिलाओं को मिलने वाले संरक्षण आदेश, निवास का अधिकार, भरण-पोषण, प्रतिकर, अभिरक्षा सहित अन्य कानूनी अधिकारों के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता तथा टोल-फ्री विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। लोगों से किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर निःशुल्क विधिक सहायता लेने की अपील की गई।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में ग्राम पंचायत बर्सू में “विलेज लीगल एड क्लीनिक” का शुभारंभ किया गया। सचिव श्रीमती पायल सिंह ने फीता काटकर क्लीनिक का विधिवत उद्घाटन किया। यह क्लीनिक आसपास के लगभग 10 गांवों के लोगों को निःशुल्क विधिक परामर्श, कानूनी सहायता, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा स्थानीय स्तर पर विधिक समस्याओं के समाधान में सहयोग प्रदान करेगा। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी कानूनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता भी कम होगी। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न कानूनी समस्याएं एवं जिज्ञासाएं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष रखीं, जिनका संबंधित विधिक प्रावधानों के अनुरूप समाधान एवं आवश्यक परामर्श दिया गया। कार्यक्रम के समापन पर सचिव श्रीमती पायल सिंह ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनके संरक्षण का संकल्प लेने तथा हरित पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।










