दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। लगातार हो रही बारिश के चलते केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर सिल्ली के समीप पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने तथा सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्ग को आवागमन के लिए खोल दिया। फिलहाल सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित स्थल से एक समय में केवल एक वाहन को ही पार कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।उन्होंने बताया कि सड़क पर गिरे छोटे पत्थरों और मलबे को जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार हटाया जा रहा है, जबकि बड़े बोल्डरों को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया गया है। वर्तमान में किए जा रहे कार्यों का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर यातायात बाधित न होने देना है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि केवल तात्कालिक व्यवस्था ही नहीं, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान भी तैयार किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि टीएचडीसी के तकनीकी सहयोग से प्रभावित ढलान (स्लोप) के स्थायी संरक्षण और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाए। रिपोर्ट में स्लोप प्रोटेक्शन और आवश्यक निर्माण कार्यों की व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक रणनीति शामिल की जाए।उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सचिव से भी तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग लिया जाएगा, ताकि स्थायी समाधान शीघ्र लागू किया जा सके।डीएम ने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और आवागमन सुरक्षित बना रहे, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग सौरभ ढौंडियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।










