दीपक बेंजवाल / अगस्त्यमुनि।। आज के दौर में जब कई लोग आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद अपने समाज, अपने गांव और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने से कतराते हैं, वहीं डंगवाल गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री मुन्नी देवी ने अपने सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी से एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
मुन्नी देवी ने अपने स्वर्गीय सास श्रीमती सुभद्रा देवी एवं ससुर श्री जसपाल सिंह की पुण्य स्मृति में ज0उ0मा0वि0 गोरणाधार डंगवाल गांव के 21 छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट एवं टी-शर्ट वितरित किए। उनका यह प्रयास केवल कपड़े वितरित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और विद्यालय के बच्चों के प्रति अपनत्व की भावना को दर्शाता है। मुन्नी देवी का कहना है कि समाज और विद्यालय हमारे अपने हैं। यदि हम अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों और विद्यालय के लिए कुछ कर सकें, तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। उनका यह छोटा सा प्रयास निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी सामाजिक कार्यों के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।
जब सामर्थ्य के साथ सेवा भाव जुड़ता है, तो बनती है मिसाल – विद्यालय के विकास में मुन्नी देवी के परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पति विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जून माह का अपना पहला वेतन विद्यालय के बच्चों के लिए फर्नीचर निर्माण हेतु समर्पित किया। वहीं विद्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक अमित सिंह ने विद्यालय के भौतिक परिवेश को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न माध्यमों से करीब 15-16 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए हैं। विद्यालय के विकास में डंगवाल गांव के पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम लाल का भी विशेष योगदान रहा है। सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि आज विद्यालय में छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन के लिए आवश्यक भौतिक संसाधन और शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बच्चों की सफलता बनी मेहनत की पहचान- विद्यालय परिवार के अनुसार, तमाम कठिनाइयों के बावजूद यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन होना विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है। बेहतर संसाधनों और सामुदायिक सहयोग से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। मुन्नी देवी के इस पुनीत एवं प्रेरणादायक कार्य की खंड शिक्षा अधिकारी जखोली यशवीर सिंह रावत, खंड शिक्षा अधिकारी अगस्त्यमुनि तनुजा देवराड़ी, प्रधानाचार्य रा.इ.का. सिद्धसौड़, विद्यालय प्रबंधन सहित विद्यालय परिवार ने सराहना की। इस अवसर पर संतोष सिंह रावत, राकेश रावत, रीना देवी, मालती देवी, भूपेंद्र प्रसाद, ग्राम प्रधान रश्मि रावत, पुष्कर सिंह, संदीप सिंह, सहायक अध्यापक शिव सिंह रावत, अरविंद प्रसाद, सोहन, मनीष एवं सोबती सिंह रावत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मुन्नी देवी का प्रयास समाज के लिए संदेश – आज समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं जिनके पास धन-दौलत और संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन जरूरतमंदों और अपने समाज के लिए कुछ करने की भावना कहीं पीछे छूट जाती है। ऐसे समय में मुन्नी देवी जैसे लोग यह संदेश देते हैं कि समाज की सेवा करने के लिए केवल बड़ा पद या बड़ी संपत्ति नहीं, बल्कि बड़ा दिल और सेवा की भावना जरूरी है। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए किया गया उनका यह प्रयास भले ही आर्थिक रूप से बहुत बड़ा न हो, लेकिन सामाजिक दृष्टि से इसकी कीमत कहीं अधिक है। क्योंकि किसी बच्चे के चेहरे की खुशी और उसके भविष्य को संवारने में दिया गया सहयोग ही समाज की असली पूंजी है। मुन्नी देवी की यह पहल निश्चित रूप से उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने गांव, समाज और विद्यालय के लिए अपनी क्षमता के अनुसार कुछ करना चाहते हैं। जरूरत है कि ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहन मिले और समाज के सक्षम लोग भी आगे आकर “मेरे समाज की जिम्मेदारी भी मेरी है” की भावना के साथ योगदान दें।











