दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। क्षेत्र की जनता से सीधा संवाद स्थापित करने और आम लोगों की समस्याओं को उनके बीच जाकर सुनने के उद्देश्य से अगस्त्यमुनि में त्रिभुवन चौहान के स्थानीय कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यालय शुरू होने पर क्षेत्रवासियों ने उत्साह जताते हुए इसे जनता और नेतृत्व के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
उद्घाटन से पूर्व प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिल प्रसाद बेंजवाल ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यालय का शुद्धिकरण किया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न होने के बाद कार्यालय का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिला मंगल दलों, महिला कीर्तन मंडलियों, युवाओं, बुजुर्गों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। अगस्त्यमुनि के अलावा बावई, पिल्लू, जगोट, कमसाल, रूमसी, भोंसाल और सिल्ला समेत आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और बुजुर्ग कार्यक्रम में पहुंचे। इस अवसर पर त्रिभुवन चौहान ने कहा कि कार्यालय खोलने का उद्देश्य केवल एक स्थान पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि क्षेत्र के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच बनाना है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्याएं लेकर दूर न आना पड़े, इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय कार्यालय खोलने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर 7 से 8 और स्थानीय कार्यालय खोले जाने की योजना है। इन कार्यालयों के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, किसानों, स्थानीय व्यवसायियों और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को सुना जाएगा तथा उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों और जिम्मेदार मंचों तक पहुंचाया जाएगा।त्रिभुवन चौहान ने कहा कि राजनीति को केवल चुनाव तक सीमित रखने के बजाय जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर अकेला महसूस न करे। कार्यक्रम में व्यापारियों अनुराग खत्री, केशव अग्रवाल, विनोद खत्री, सतेश्वरी देवी गुसाईं, रोहिनीधर देवशाली सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। महिलाओं और युवाओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान क्षेत्र के विकास, व्यापारियों की समस्याओं, स्थानीय रोजगार, युवाओं के भविष्य, जनसुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।त्रिभुवन चौहान ने कहा कि अगस्त्यमुनि का यह कार्यालय जनता के लिए केवल कार्यालय नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और समस्याओं के समाधान का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की सहभागिता और समर्थन से इस पहल को आने वाले समय में और व्यापक रूप दिया जाएगा।











