दस्तक पहाड़ न्यूज रुद्रप्रयाग।। शासन के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के साथ ही जनपद रुद्रप्रयाग में भी “Reforms Utsav” का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत आम नागरिकों, हितधारकों, ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य वर्गों से शासन-व्यवस्था और जनहित से जुड़े विषयों पर सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। प्राप्त सुझावों का व्यवस्थित संकलन, परीक्षण एवं विश्लेषण कर उन्हें व्यवहारिक एवं परिणामोन्मुख सुधारों में परिवर्तित करने का प्रयास किया जाएगा।
रिफॉर्म उत्सव का उद्देश्य केवल सुझाव एकत्र करना नहीं, बल्कि नीति-निर्माण एवं प्रशासनिक सुधारों में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। नागरिक अपने अनुभव, समस्याओं और व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सुझाव साझा कर सकेंगे। इससे जमीनी स्तर की वास्तविक आवश्यकताओं को शासन की नीतियों एवं प्रशासनिक व्यवस्था में शामिल करने में मदद मिलेगी।
रिफॉर्म उत्सव के प्रभावी संचालन एवं अनुश्रवण के लिए राज्य स्तर पर State Coordination Committee तथा जनपद स्तर पर District Coordination Committee का गठन किया गया है। जनपद रुद्रप्रयाग में जनपद प्रभारी सचिव/State Nodal Officer (DSNO) समिति के अध्यक्ष, जिलाधिकारी कार्यकारी अध्यक्ष तथा मुख्य विकास अधिकारी जनपद नोडल अधिकारी होंगे।
जिला समन्वय समिति द्वारा Jan Manthan के माध्यम से नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, CSCs, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और अन्य हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्राप्त सुझावों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग एवं श्रेणीकरण के बाद ऐसे सुझावों को चिन्हित किया जाएगा, जिनके माध्यम से जनपद स्तर पर व्यापक और प्रभावी सुधार संभव हो सकें।
प्राप्त सुझाव संबंधित विभागीय नोडल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। जनपद स्तर पर तत्काल लागू किए जा सकने वाले Quick Win Reforms की पहचान कर उनके क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा। वहीं, Medium-Term Reforms के लिए आवश्यक विभागीय कार्रवाई और समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा Reform Utsav Portal पर प्राप्त सुझावों तथा उन पर की गई कार्रवाई की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा। सफल सुधारों की Success Stories एवं Testimonials तैयार किए जाएंगे। जनपद की प्रगति रिपोर्ट और Action Taken Report (ATR) राज्य स्तर पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल के माध्यम से “जनता की बात—नीति में स्थान” की भावना को मजबूत किया जा सकेगा। नागरिकों से प्राप्त जमीनी सुझावों के आधार पर शासन एवं प्रशासन में सरल, पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी सुधार लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।











