Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

उत्तराखंड में अधिकारियों के दफ्तर में होगा पैनिक बटन, CCTV से होगी निगरानी, बिना पहचान पत्र प्रवेश नहीं

दस्तक पहाड न्यूज देहरादून।। उत्तराखंड में सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नई एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी. इसके तहत प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में पैनिक बटन लगाया जाएगा. जबकि, कार्यालय परिसर में 90 दिन की रिकॉर्डिंग क्षमता वाले एचडी सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य होंगे। प्रवेश द्वार पर विजिटर रजिस्टर या इलेक्ट्रॉनिक विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम होगा और बिना वैध पहचान पत्र बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा. एक कमरे में दो से ज्यादा आगंतुकों के प्रवेश पर रोक रहेगी. कार्यालयों में हथियार, ज्वलनशील पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं पर भी प्रतिबंध रहेगा. सुरक्षा घटनाओं के लिए नोडल अधिकारी और अलग घटना पंजिका भी होगी। सरकारी दफ्तरों में निगरानी बढ़ाने और अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से लागू किया जाएगा. उत्तराखंड में लोक निर्माण विभाग के सभी कार्यालयों में प्रवेश व्यवस्था से लेकर सीसीटीवी निगरानी और अधिकारियों के कक्ष में पैनिक बटन लगाने तक की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। शासन के निर्देश के बाद अब बाहरी लोगों के कार्यालयों में प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल सुरक्षा कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. यह नई व्यवस्था फिलहाल लोक निर्माण विभाग के तमाम कार्यालयों के लिए लागू की गई है, इसके पीछे सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ कार्यालय परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करना भी अहम उद्देश्य है।

लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में विकास कार्यों, टेंडर और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों को लेकर ठेकेदारों और आम लोगों का लगातार आना-जाना रहता है. कई मामलों में टेंडर प्रक्रिया और विभागीय कार्यों को लेकर आपत्तियां और विरोध भी सामने आते रहे हैं. ऐसे में विभागीय कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

Advertisement Box

गृह विभाग की SOP को PWD में लागू करने के निर्देश: लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है. आदेश में गृह विभाग उत्तराखंड शासन के 25 फरवरी 2026 के पत्र में निहित मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी को लोक निर्माण विभाग के समस्त कार्यालयों में लागू करने की स्वीकृति दी गई है. एसओपी का उद्देश्य राजकीय कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा एवं बचाव सुनिश्चित करना, कार्यालय परिसरों में प्रवेश को नियंत्रित करना और अप्रिय घटनाओं की रोकथाम करना है.

बिना पहचान पत्र प्रवेश नहीं :नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कार्यालय के प्रवेश द्वार पर आगंतुक पंजिका या इलेक्ट्रॉनिक विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम रखा जाएगा. किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना वैध पहचान पत्र कार्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. कार्यालय में आने वाले प्रत्येक आगंतुक का नाम, पता या मोबाइल नंबर, आगमन और प्रस्थान का समय और वो किस अधिकारी से मिलने आया है, इसकी जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एक अधिकारी के कक्ष में एक समय में दो से ज्यादा आगंतुकों के प्रवेश पर रोक रहेगी. इसका सीधा असर उन कार्यालयों पर पड़ेगा, जहां अधिकारी से मिलने के लिए एक साथ कई लोग पहुंचते हैं. नई व्यवस्था में आगंतुकों की संख्या और उनकी पहचान दोनों का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया गया है।

नारेबाजी और अमर्यादित व्यवहार पर कार्रवाई: एओपी में कार्यालय परिसर के भीतर मादक पदार्थों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. सरकारी कार्य में बाधा डालने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी. कार्यालय परिसर में शोर-शराबा, नारेबाजी और अमर्यादित व्यवहार भी प्रतिबंधित रहेगा. इसके लिए प्रत्येक कार्यालय के बाहर प्रमुखता से सूचना पट्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं.। कार्यालय में आने वाले लोगों को यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि पूरा परिसर सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा और अमर्यादित व्यवहार की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. कार्यालय के भीतर ज्वलनशील पदार्थ, स्याही, लाठी-डंडा, हथियार या किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा. कार्यालय समय समाप्त होने के बाद परिसर में प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है।

90 दिन की रिकॉर्डिंग वाला CCTV जरूरी : सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक कार्यालय में एचडी सीसीटीवी (HD CCTV) कैमरे लगाए जाने अनिवार्य किए गए हैं. इन कैमरों में कम से कम 90 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की क्षमता होगी। इसके अलावा कार्यालयों में डीएफएमडी यानी डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) भी लगाया जाएगा. ताकि, प्रतिबंधित या धातु से जुड़ी आपत्तिजनक वस्तुओं को कार्यालय के भीतर ले जाने पर रोक लगाई जा सके।

प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में होगी पैनिक बटन: सबसे अहम व्यवस्था प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में पैनिक बटन लगाने की होगी. किसी आपात स्थिति या सुरक्षा संबंधी खतरे में अधिकारी तत्काल पैनिक बटन के माध्यम से मदद की सूचना दे सकेंगे. यानी सुरक्षा व्यवस्था केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि किसी घटना की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था भी तैयार की जाएगी.

हर कार्यालय में होगा सुरक्षा नोडल अधिकारी: प्रत्येक कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा. कार्यालय परिसर में यदि कोई सुरक्षा संबंधी घटना होती है, तो इसकी सूचना तत्काल नोडल अधिकारी को देनी होगी. इसके साथ ही घटना का पूरा विवरण अलग से घटना पंजिका में दर्ज किया जाएगा।

इस तरह लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को अब केवल सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था के तौर पर नहीं, बल्कि निर्धारित एसओपी के तहत संचालित किया जाएगा. विजिटर मैनेजमेंट, पहचान पत्र की अनिवार्यता, सीमित संख्या में आगंतुकों का प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी, डीएफएमडी, पैनिक बटन और घटना पंजिका जैसी व्यवस्थाओं के जरिए कार्यालय परिसरों में बाहरी लोगों की गतिविधियों एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

<span class=उत्तराखंड में अधिकारियों के दफ्तर में होगा पैनिक बटन, CCTV से होगी निगरानी, बिना पहचान पत्र प्रवेश नहीं">
आज फोकस में

उत्तराखंड में अधिकारियों के दफ्तर में होगा पैनिक बटन, CCTV से होगी निगरानी, बिना पहचान पत्र प्रवेश नहीं

‘सड़क तक नहीं बन पा रही तो भाजपा का ये कैसा सुशासन ?’ अधूरे डामरीकरण पर जिला पंचायत सदस्य का विभाग को अल्टीमेटम
आज फोकस में

‘सड़क तक नहीं बन पा रही तो भाजपा का ये कैसा सुशासन ?’ अधूरे डामरीकरण पर जिला पंचायत सदस्य का विभाग को अल्टीमेटम

उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव 2026: मिली जुली सरकार, कहीं ABVP का दबदबा, कहीं NSUI का परचम; कई कॉलेजों में निर्दलीयों ने भी मारी बाजी, देखिए परिणाम
आज फोकस में

उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव 2026: मिली जुली सरकार, कहीं ABVP का दबदबा, कहीं NSUI का परचम; कई कॉलेजों में निर्दलीयों ने भी मारी बाजी, देखिए परिणाम

Breking news : रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन को विजिलेंस ने 5000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, आवास पर भी छापेमारी
आज फोकस में

Breking news : रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन को विजिलेंस ने 5000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, आवास पर भी छापेमारी

उत्तराखंड को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान देने वाले हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा को दोबारा उत्तराखंड में कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किए जाने का विरोध शुरू, CAU कार्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी
आज फोकस में

उत्तराखंड को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान देने वाले हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा को दोबारा उत्तराखंड में कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किए जाने का विरोध शुरू, CAU कार्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी

पिता की चाय की दुकान, बेटी बनी पूर्ति निरीक्षक : पहाड़ की बेटियों के लिए मिसाल बनीं दृष्टि शाह
आज फोकस में

पिता की चाय की दुकान, बेटी बनी पूर्ति निरीक्षक : पहाड़ की बेटियों के लिए मिसाल बनीं दृष्टि शाह

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box

शनिवार, 03 अक्तूबर 2026

आज का सुविचार

जिंदगी में दो तरह के लोगों से हमेशा दूर रहना: एक व्यस्त और दूसरा घमंडी। क्योंकि व्यस्त अपनी मर्जी से बात करेगा और घमंडी अपने मतलब से आपको याद करेगा।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

केदारनाथ धाम में व्यापारियों का धरना समाप्त, जिलाधिकारी से वार्ता के बाद यात्रा व्यवस्था सुचारू, मास्टर प्लान के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में हेलीपैड परिसर में बैठे थे व्यापारी व स्थानीय दुकानदार

✕
[news_reels]
WhatsApp