दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। रुद्रप्रयाग जिले की ग्राम पंचायत इशाला में सड़क सुविधा का अभाव करीब 90 परिवारों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद समाधान नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) से जुड़े विभागीय तंत्र की कथित लापरवाही और सरकार की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से मिलकर गांव की समस्या से अवगत कराया और जल्द सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि सड़क के अभाव में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से सड़क निर्माण की स्थिति स्पष्ट कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।
ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में सड़क समस्या पर चर्चा की गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर 12 नवंबर 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय, रुद्रप्रयाग में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि “90 परिवारों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। सड़क ग्रामीणों का अधिकार है, कोई एहसान नहीं। जिम्मेदार विभाग अब केवल आश्वासन देने के बजाय सड़क निर्माण की समयसीमा तय करें। मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर इस लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।”
ग्रामीण बुद्धि बल्लभ थपलियाल, गजेन्द्र राणा, बसुदेव सिंह, विनित विष्ट, अनिल थपलियाल, सुदर्शन नेगी, विजयपाल कठैत, देवेन्द्र बासकन्डी, मानवेन्द्र नेगी, ललित मोहन काण्डपाल, मुकेश सिंह, चन्द्रशेखर, सुमन लता देवी, रंजना देवी, दुर्गा देवी आदि ने चेतावनी दी है कि 12 नवंबर के धरने के बाद भी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज करते हुए उग्र आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी।










