दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग, 21 सितंबर। जनपद में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के विद्यालयों, चिकित्सालयों, पुलिस चौकियों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर जहां पेयजल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को पेयजल से जुड़ी समस्याओं की सूचना जल संस्थान को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि समय रहते पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।उन्होंने कहा कि सैंपलिंग के दौरान यदि पानी की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो केवल तत्कालिक सुधार तक सीमित न रहते हुए समस्या के कारणों का पता लगाया जाए और उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।डीएम ने जल संस्थान को नियमित रूप से जल गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
हालांकि, बैठक के बाद एक अहम सवाल भी खड़ा होता है कि जिन स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक संस्थानों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर पहले से शिकायतें सामने आ रही हैं, वहां अब तक क्या कार्रवाई हुई और उन समस्याओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया? अब देखना होगा कि जिलाधिकारी के इन निर्देशों के बाद जल गुणवत्ता की जांच और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया कितनी प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरती है।


पेयजल की गुणवत्ता पर डीएम









