दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, शाखा अगस्त्यमुनि के समस्त शिक्षकों ने शाखा मंत्री गिरिजेश सेमवाल के नेतृत्व में तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। धरने के उपरांत शिक्षकों ने उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में शिक्षकों ने आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से इन मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है।धरना कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने भी शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन किया। उत्तराखण्ड क्रांति दल (यूकेडी) के जिला अध्यक्ष श्री अर्जुन कंडारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। वहीं उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री त्रिभुवन चौहान ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि शिक्षकों की न्यायोचित मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इस अवसर पर दीपेंद्र बिष्ट, राकेश गैरोला, आनंदपाल भंडारी, नीलम बिष्ट, वीरपाल लाल, अनिल कपरुवाण, रजनी गोसाईं, पंकज भट्ट, शीला कोहली, मोनिका सेमवाल, सुरेंद्र सोनियाल, अजय कुमार, सुनील भट्ट, अजय नेगी, सूरज जग्गी, अरुणेश, भानुप्रताप, सुमन, रणवीर, प्रकाश, विनीता, अनुपमा एवं प्रमोद सहित शाखा अगस्त्यमुनि के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने एकजुट होकर सरकार से शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की तथा चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।











