दस्तक पहाड न्यूज पोखरी (चमोली)। पोखरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भालू और गुलदार की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वन्यजीवों के हमलों से मानव जीवन पर मंडरा रहे खतरे के विरोध में विधायक प्रतिनिधि धीरेंद्र राणा और ग्राम प्रधान हरिकृष्ण किमोठी ने पोखरी तहसील परिसर में वन विभाग के खिलाफ धरना शुरू कर दिया।
धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार भालू और गुलदार की सक्रियता बढ़ रही है। जंगली जानवरों के हमलों की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों और घटनाओं के बावजूद वन विभाग की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए अपेक्षित ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।आंदोलन के दौरान केदारनाथ वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक डीएफओ तथा शासन-प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा।जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने वन्यजीवों के आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई, ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई।धरने में धीरेंद्र राणा, हरिकृष्ण किमोठी, रवींद्र नेगी, प्रदीप नेगी, तरुण बिष्ट, मनवर बासकंडी, श्रवण सती, नंदन नेगी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।


पोखरी में भालू-गुलदार के आतंक








