दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि।। पहाड़ों में बीते दो दिनों से जारी बारिश और लगातार छाए बादलों ने करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं का इंतजार लंबा कर दिया। गुरुवार रात कई क्षेत्रों में आसमान पर बादलों की चादर छाई रही, जिसके चलते महिलाएं देर रात तक चांद के दीदार के लिए आसमान निहारती रहीं।
करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा और शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद सभी को चांद निकलने का इंतजार था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण कई स्थानों पर चांद बादलों के पीछे छिपा रहा। रात बढ़ने के साथ महिलाओं की बेचैनी भी बढ़ती रही। कई इलाकों में जब बारिश शुरू हो गई और आसमान में चांद दिखाई नहीं दिया तो महिलाओं ने दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों और परिचितों से फोन पर संपर्क किया। कुछ लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से दूसरे क्षेत्रों में दिखाई दे रहे चांद की तस्वीर और लाइव वीडियो देखकर व्रत खोला। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भी महिलाओं का साथ दिया।
पहाड़ों में बढ़ रहा करवा चौथ का चलन
पहाड़ी क्षेत्रों में करवा चौथ व्रत का चलन तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसका असर पर्व से एक दिन पहले और करवा चौथ के दिन बाजारों में भी देखने को मिला। बाजारों में महिलाओं की खरीदारी को लेकर रौनक रही। करवा, पूजा सामग्री, श्रृंगार का सामान और कपड़ों की दुकानों पर भी चहल-पहल रही। शहरी क्षेत्रों के साथ अब पहाड़ के कस्बों और गांवों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखने लगी हैं। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की और पति की लंबी आयु की कामना की। हालांकि, इस बार मौसम ने चांद के दीदार में बाधा डालकर व्रती महिलाओं के इंतजार को खासा लंबा कर दिया।









