5 नवंबर से हर हाल में डामरीकरण शुरू करने का पीएमजीएसवाई ने दिया आश्वासन, मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
दस्तक पहाड़ न्यूज। अगस्त्यमुनि । दशज्यूला क्षेत्र की दो प्रमुख सड़कों कोटखाल-जागतोली व गढीधार-चोपड़ा के डामरीकरण कार्य में लगातार हो रही देरी को लेकर शुक्रवार को जागतोली में क्षेत्रीय जनता का आक्रोश फूट पड़ा। जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल के नेतृत्व में आयोजित बैठक में पीएमजीएसवाई विभाग के अधिकारियों एवं सड़क निर्माण कार्य के ठेकेदार को जनता के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, पूर्व जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, सड़क पर आवागमन करने वाले वाहन स्वामी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।
बीते 23 अक्टूबर को जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से हुई वार्ता के बाद पीएमजीएसवाई विभाग ने दोनों प्रमुख सड़कों का कार्य 27 अक्टूबर तक शुरू करने का आश्वासन दिया था। वहीं क्षेत्रीय जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि 30 अक्टूबर तक धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
बैठक के दौरान स्थानीय जनता ने विभाग और ठेकेदार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से क्षेत्रवासी सड़क के डामरीकरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद काम शुरू नहीं हो रहा है। जनता ने कहा कि अब सब्र का बांध टूट चुका है और अब जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
इस दौरान पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता वीरेंद्र फर्स्वाण ने कहा कि डामरीकरण को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन पिछले दो दिनों से मौसम खराब होने के कारण प्लांट में काम बंद है। उन्होंने जनता से कुछ समय देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि मौसम अनुकूल रहने पर हर हाल में 5 नवंबर से डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता पिछले दो वर्षों से सड़क के डामरीकरण की मांग कर रही है। 23 अक्टूबर को जिलाधिकारी के समक्ष हुई वार्ता में भी विभाग ने 27 अक्टूबर तक कार्य शुरू करने का भरोसा दिया था, लेकिन तय समय सीमा के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बार-बार लिखित और मौखिक आश्वासन देने के बावजूद कार्य न होना जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। अब जनता को केवल तारीख नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए। 5 नवंबर से कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता के साथ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रविंद्र जग्गी ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से सड़क की बदहाल स्थिति और डामरीकरण में हो रही देरी को बर्दाश्त कर रही है। विभाग की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं दिखाई देता। अब जनता केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है।
बैठक के दौरान आक्रोशित लोगों ने कुछ समय के लिए विभागीय अधिकारियों का घेराव किया और सांकेतिक रूप से उन्हें बंधक भी बनाए रखा। बैठक में रविन्द्र भण्डारी, सुदर्शन राणा, चरण सिंह, जीतेन्द्र काण्डपाल आदि लोगों का कहना था कि विभाग पहले भी कई बार लिखित आश्वासन दे चुका है, लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। ऐसे में अब अधिकारियों की बातों पर विश्वास करना मुश्किल हो गया है।
अधिकारियों से काफी लम्बे वार्ता के उपरांत बैठक में उपस्थित जनसमुदाय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि 5 नवंबर से डामरीकरण का कार्य शुरू होना चाहिए। यदि इस बार भी विभाग अपने आश्वासन पर खरा नहीं उतरता है तो क्षेत्र की जनता व्यापक और उग्र आंदोलन करेगी।
बैठक में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत भंडारी, ग्राम प्रधान महड़ हरीश नेगी, ग्राम प्रधान इशाल राजेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान बैंजी काण्डई सोनम देवी, पूर्व प्रधान सुदर्शन राणा, पूर्व प्रधान विजयपाल कठैत, शिव शक्ति मंदिर समिति के अध्यक्ष बचन सिंह, शिवराज सिंह कठैत, मातवर सिंह नेगी, गंगा नेगी, सोनू नेगी, दीपक रावत, आशीष पुरोहित, रामनाथ शाह, देवेन्द्र बासकन्डी, विशालमणी पुरोहित, जीत सिंह सहित क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि, पूर्व जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, वाहन स्वामी एवं भारी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही।










