Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Dastak Pahad Team

किराए की सड़क, अधूरा निर्माण और खतरे में जवाहरनगर गंगानगर बस्तियाँ: केदारनाथ हाईवे पर जिम्मेदारों की लापरवाही जिंदगी पर भारी

दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अगस्त्यमुनि नगर पंचायत क्षेत्र के गंगानगर पुल और जवाहर नगर कस्बे के पास हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। बीती बरसात में मंदाकिनी नदी की बाढ़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग के एक बड़े हिस्से को बहा दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थायी ट्रीटमेंट और सुरक्षा कार्य पूरे नहीं हो पाए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार और संबंधित विभागों ने टूटी सड़क के ऊपर निजी जमीन पर एक अस्थायी वैकल्पिक मार्ग बनाकर आवागमन तो शुरू कर दिया, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया। यही वजह है कि यह मार्ग अब क्षेत्र में “किराए की सड़क” के नाम से चर्चा का विषय बना हुआ है।

Advertisement Box

बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण और सुरक्षा कार्यों के लिए भारी धनराशि भी स्वीकृत हुई थी तथा निर्माण कार्य शुरू करने की कवायद कागजों में लंबे समय तक चलती रही। कई महीने बीतने के बाद अब जाकर काम शुरू होने की बातें हो रही हैं, जबकि बरसात शुरू होने में केवल लगभग एक माह का समय बचा है।

कुछ समय पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी केदारनाथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण करने यहां पहुंचे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक एक दिन पहले निर्माण एजेंसी ने मशीनें लगाकर कार्य शुरू किया था। मुख्यमंत्री ने मौके पर कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए, लेकिन उनका काफिला गुजरने के बाद निर्माण कार्य फिर ठप पड़ गया। आज भी मौके पर काम बंद पड़ा है।

सबसे बड़ी चिंता गंगानगर पुल के पास खोदे गए गहरे हिस्से को लेकर है। स्थानीय निवासी गंगाराम भट्ट, कलम सिंह नेगी, राजशेखर बिष्ट का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा पुल के आधार क्षेत्र में खुदाई किए जाने से पुल की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। मंदाकिनी नदी बरसात के दौरान उफान पर रहती है और पूर्व में कई बार पुल की सुरक्षा दीवारों को नुकसान पहुंचा चुकी है। अब आधार क्षेत्र कमजोर होने से गंगानगर और जवाहर नगर की पूरी बस्ती खतरे की जद में आ गई है। स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जवाहर नगर क्षेत्र में जनपद रुद्रप्रयाग का सबसे बड़ा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थित है, जहां दूर-दराज के गांवों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। यदि बरसात के दौरान सड़क या पुल को नुकसान पहुंचता है तो आम लोगों के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और सरकार से बरसात शुरू होने से पहले तत्काल सुरक्षा कार्य और स्थायी सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

रविवार, 25 अक्तूबर 2026

आज का सुविचार

ईमानदारी एक महंगा शौक है जिसे हर कोई वहन नहीं कर सकता। इसे निभाने के लिए आत्मबल और साहस की आवश्यकता होती है, जो कमजोर चरित्र वालों के पास नहीं होता।

Advertisement Box
Advertisement Box
पर्स मिला तो मालिक की तलाश में जुट गए व्यापारी, लौटाकर जीता दिल, अगस्त्यमुनि में उमेश चंद्र भट्ट की ईमानदारी और अपनत्व ने पेश की मिसाल
आज फोकस में

पर्स मिला तो मालिक की तलाश में जुट गए व्यापारी, लौटाकर जीता दिल, अगस्त्यमुनि में उमेश चंद्र भट्ट की ईमानदारी और अपनत्व ने पेश की मिसाल

रिवर्स पलायन की मिसाल बने अगस्त्यमुनि के पाटा गांव निवासी सोहन सिंह बिष्ट,रुद्रप्रयाग में खड़ा किया लाखों का कारोबार
आज फोकस में

रिवर्स पलायन की मिसाल बने अगस्त्यमुनि के पाटा गांव निवासी सोहन सिंह बिष्ट,रुद्रप्रयाग में खड़ा किया लाखों का कारोबार

मायके से बरात लेकर ससुराल पहुंची दुल्हन, पैदल तय किया 18 किमी का सफर, शुभ मूहुर्त में पहुंचने को लहंगे में लगाई दौड़, बोली- ‘सड़क बनवा दो धामी जी’
आज फोकस में

मायके से बरात लेकर ससुराल पहुंची दुल्हन, पैदल तय किया 18 किमी का सफर, शुभ मूहुर्त में पहुंचने को लहंगे में लगाई दौड़, बोली- ‘सड़क बनवा दो धामी जी’

जनता को कब तक आश्वासन देते रहेंगे?” दशज्यूला में सड़कों की अनदेखी पर अधिकारियों को जयवर्धन काण्डपाल ने सुनाई खरी-खरी, 31 अक्टूबर से आन्दोलन की चेतावनी
आज फोकस में

जनता को कब तक आश्वासन देते रहेंगे?” दशज्यूला में सड़कों की अनदेखी पर अधिकारियों को जयवर्धन काण्डपाल ने सुनाई खरी-खरी, 31 अक्टूबर से आन्दोलन की चेतावनी

देवभूमि के युवा सिर्फ झंडे उठाने के लिए हैं? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के युवा नेतृत्व के बीच चर्चा तेज, BJYM की राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड गायब, युवा प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल
आज फोकस में

देवभूमि के युवा सिर्फ झंडे उठाने के लिए हैं? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के युवा नेतृत्व के बीच चर्चा तेज, BJYM की राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड गायब, युवा प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल

उत्तराखंड में फिर से हरियाणा के कई युवा बन गए पोस्टमैन ! 100% अंक वाले अभ्यर्थी, लेकिन नहीं लिख पा रहे हिन्दी, मैरिट के बजाए हो लिखित परीक्षा
आज फोकस में

उत्तराखंड में फिर से हरियाणा के कई युवा बन गए पोस्टमैन ! 100% अंक वाले अभ्यर्थी, लेकिन नहीं लिख पा रहे हिन्दी, मैरिट के बजाए हो लिखित परीक्षा

और भी पढ़ें

✕
[news_reels]
WhatsApp