दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। जनपद में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मानसून अवधि के दौरान सभी प्रमुख नदियों, गाड़-गदेरों के जलस्तर और वर्षा की मात्रा की प्रतिदिन रिकॉर्डिंग एवं लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का आकलन कर समय-समय पर आमजन के लिए आवश्यक एडवाइजरी और चेतावनी जारी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि नदी किनारे रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर अनाउंसमेंट के माध्यम से लगातार सतर्क किया जा रहा है। जहां आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां एहतियातन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी स्थानांतरित किया जा रहा है।
उन्होंने जनपदवासियों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से अपील की कि मानसून के दौरान किसी भी नदी, नाले या गाड़-गदेरों के किनारे अस्थायी या स्थायी ठहराव न करें। खराब मौसम में नदी तटों की ओर जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला आपदा परिचालन केंद्र 24×7 संचालित है तथा किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेस्क्यू अभियान भी संचालित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में जलस्तर और संभावित खतरे पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।











