दस्तक पहाड न्यूज अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के विजयनगर वार्ड में पिछले लंबे समय से बनी पेयजल संकट की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग तमाशबीन बना हुआ है। बार-बार शिकायतों और गुहार के बावजूद जल संस्थान की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
आक्रोशित लोगों का कहना है कि वे लगातार जल संस्थान के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। न तो पेयजल आपूर्ति सुचारु हो रही है और न ही समस्या के स्थायी समाधान की कोई पहल दिखाई दे रही है। विभाग की उदासीनता के चलते लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है।स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि वार्ड के परिवार हैंडपंप, नदी और कई किलोमीटर दूर से अपने निजी वाहनों में पानी ढोने को मजबूर हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को रोजाना पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। भीषण गर्मी और लगातार बनी इस समस्या ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल संकट का समाधान नहीं किया गया तो वे जल संस्थान के खिलाफ उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि जब नियमित रूप से जलापूर्ति की जिम्मेदारी विभाग की है, तो फिर उन्हें मूलभूत आवश्यकता के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक विजयनगर वार्ड के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहेंगे और कब तक जल संस्थान अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ता रहेगा? विभाग की यह लापरवाही लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रही है, जबकि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।











