दस्तक पहाड न्यूज रुद्रप्रयाग। वन महोत्सव सप्ताह (01 से 07 जुलाई, 2026) के समापन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) रुद्रप्रयाग द्वारा वन विभाग के सहयोग से वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय, भाणधार के समीपवर्ती वन क्षेत्र में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला न्यायाधीश रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व डीएलएसए की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से बांज, कचनार और भीमल जैसी स्थानीय प्रजातियों के साथ-साथ आँवला, अनार एवं नाशपाती के फलदार पौधों का रोपण किया गया।इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि बांज जल स्रोतों के पुनर्भरण, मृदा में नमी बनाए रखने तथा भू-क्षरण रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं भीमल पर्वतीय ढलानों को स्थिरता प्रदान कर भूस्खलन की संभावना को कम करता है, जबकि कचनार जैव विविधता के संरक्षण और परागण करने वाले जीवों के संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अलावा आँवला, अनार और नाशपाती जैसे फलदार वृक्ष पोषण सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ पक्षियों एवं वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक खाद्य स्रोत भी उपलब्ध कराते हैं।कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता, पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) तथा कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता निभाई।कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण, नियमित देखभाल एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया, ताकि यह अभियान भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा हरित एवं स्वच्छ उत्तराखण्ड के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सके।











