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पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच रूस जाएंगे अजीत डोभाल, S400 को लेकर होगी जरूरी मीटिंग; जानिए कितना अहम है दौरा

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Written by
Amit Anand
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के अगले सप्ताह रूस दौरे की संभावना है। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर ऐसा माना जा रहा है कि वह इस दौरान शेष एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की शीघ्र डिलीवरी को लेकर रूसी सरकार से बातचीत कर सकते हैं।भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की एक और टेंशन बढ़ने वाली है. पाकिस्तान की तबाही का और सामान लाने के लिए भारत के एनएसए अजीत डोभाल रूस जाने वाले हैं. जी हां, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अगले सप्ताह मॉस्को जा सकते हैं. अजीत डोभाल की इस यात्रा का मकसद बाकी बचे हुए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की जल्दी डिलीवरी पर जोर देना है.

सूत्रों की मानें तो मॉस्को यात्रा के दौरान अजीत डोभाल सुरक्षा मुद्दों पर उच्च प्रतिनिधियों की 13वीं इंटरनेशनल मीटिंग में भाग ले सकते हैं. यह बैठक 27 से 29 मई तक मॉस्को में होगी, जिसकी अध्यक्षता रूस के सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु करेंगे. इस दौरान अजीत डोभाल बाकी दो S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की जल्दी डिलीवरी का मामला उठा सकते हैं.

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पाक की कैसे बढ़ेगी टेंशन

एनएसए अजीत डोभाल खुद मास्को जाकर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की जल्दी डिलीवरी का प्रेशर बनाएंगे. एस-400 भारत के लिए कितना अहम है, यह ऑपरेशन सिंदूर से पूरी दुनिया देख चुकी है. पाकिस्तान तो उसके नाम से ही खौफजदा है. भारत के पास अभी 3 एस-400 है. भारत में इसका नाम सुदर्शन चक्र है. बाकी बचे एस-400 आने से पाकिस्तान की और टेंशन बढ़ जाएगी.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद आपरेशन सिंदूर के तहत भारत की ओर से पाकिस्तान पर कार्रवाई के दौरान ब्रह्मोस मिसाइलों और एस-400 ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इससे पहले पिछले साल रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान डोभाल ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। 

दरअसल, एस-400 की क्षमता हाल ही में तब सुर्खियों में आई, जब इस डिफेंस सिस्टम ने 300 से अधिक पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए. भारत के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी अटैक को तबाह करने में इसने बड़ी भूमिका निभाई. इसने पाकिस्तान के एक भी हमले को सफल नहीं होने दिया. पाकिस्तान से जितने भी ड्रोन और मिसाइल आए, सबको एस-400 ने हवा में ही मार गिराया. भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया हैपुतिन ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया था और द्विपक्षीय संबंधों में सुरक्षा मुद्दों के महत्व पर जोर दिया था।

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मंगलवार, 11 अगस्त 2026

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सच्चा ज्ञान केवल किताबों में नहीं, बल्कि अनुभव और आत्म-चिंतन में छिपा है। दूसरों की गलतियों से सीखें, अपनी गलतियों को स्वीकारें और निरंतर सुधार की प्रक्रिया में बने रहें, यही बुद्धिमानी है।

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